सुबह लोग नल आने का इंतजार करते रहे, फिर पहुंचे हैंडपंप और ट्यूबवेल पर

नगर निगम ने देर रात जारी किया फरमान, आज नहीं होगा जलप्रदाय

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पर्याप्त पानी होने के बाद भी शहरवासियों को तकनीकी समस्या के कारण जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को भी हालात कुछ ऐसे ही बने। नगर निगम ने बुधवार रात 10 बजे गुरुवार सुबह जलप्रदाय नहीं होने की सूचना जारी की। अधिकांश को सूचना का पता नहीं चला और लोग सुबह नल आने का इंतजार कर रहे।
रात 10 बजे करीब नगर निगम द्वारा सूचना जारी की गई कि बुधवार को गंभीर इंटेक पर बिजली विभाग का शटडाउन लेने के कारण पंपिंग काम नहीं हुआ और शहर की पानी की टंकियां नहीं भरी जा सकीं। इस कारण गुरुवार सुबह जलप्रदाय नहीं किया जाएगा। देरी से जारी जानकारी के कारण गुरुवार सुबह लोगों के सामने जलसंकट की स्थिति बन गई। घरों में पानी स्टोर नहीं था। सुबह लंबे समय तक इंतजार के बाद फिर लोगों को पता चला कि आज नल नहीं आएंगे तो वे हैंडपंप और ट्यूबवेल पर पानी भरने पहुंचे।
फॉल्ट के कारण बनी यह स्थिति
जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा ने बताया कि बुधवार दोपहर को गंभीर इंटेक पर बिजली फॉल्ट के कारण गुरुवार को जलसंकट की स्थिति बनी है। बार-बार मरम्मत के बाद भी लाइन में सुधार नहीं हुआ। इस कारण लंबा शटडाउन लेना पड़ा और ऐसे में टंकियां नहीं भरी जा सकीं। शर्मा ने बताया कि पानी की कोई कमी नहीं है। गंभीर पर दो महीने सप्लाई लायक पानी बचा है। यहां पानी खत्म हुआ तो नर्मदा लिंक योजना भी रेडी है।
गंभीर डेम में है 60 दिनों तक सप्लाय के लिए पानी
श हर की प्यास बुझाने वाले मुख्य स्रोत गंभीर डेम में पानी का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। गुरुवार की स्थिति में बांध में केवल 578 एमसीएफटीपानी ही शेष बचा है। गंभीर बांध की कुल क्षमता 2250 एमसीएफटी है। वर्तमान में मौजूद 578 एमसीएफटी में से 100 एमसीएफटी पानी डेड स्टोरेज श्रेणी का है जिसे पंप नहीं किया जा सकता। इस प्रकार शहर के लिए केवल 478 एमसीएफटी पानी ही उपयोग के योग्य है। बांध से रोजाना औसतन 8 एमसीएफटी पानी कम हो रहा है। इसके अनुसार उपलब्ध पानी से बमुश्किल दो महीने (60 दिन) ही नियमित सप्लाई संभव है।
बैकअप प्लान : नर्मदा का सहारा
यदि मानसून 20 जून तक दस्तक नहीं देता तो नगर निगम को नर्मदा के पानी पर निर्भर होना पड़ेगा। इसके लिए दो मुख्य विकल्पों पर काम किया गया है।
गऊघाट पाइप लाइन लिंक- नगर निगम ने हाल ही में भूखीमाता मंदिर के पास गंभीर-गऊघाट पाइप लाइन को नर्मदा लाइन से जोड़ा है। संकट की स्थिति में नर्मदा का पानी सीधे गऊघाट फिल्टर प्लांट भेजकर शहर के एक बड़े हिस्से में सप्लाई किया जाएगा।
नया इंटकवेल- गंभीर डेम के पास बने नए इंटकवेल को नर्मदा लाइन से जोड़ा गया है। पिछले वर्ष भी इसी विकल्प के जरिए बांध में पानी छोड़कर शहर की प्यास बुझाई गई थी। हालांकि, नर्मदा का पानी लाना आर्थिक रूप से काफी महंगा पड़ता है।









