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उज्जैन:शहर को पानी पिलाने वाले गंभीर का कंठ सूखा

मानसून की बेरूखी पीएचई की गलत योजना के कारण बनी संकट की स्थिति

 

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उज्जैन। पीएचई अधिकारियों ने पिछले मानसून सीजन में अपनी पूरी क्षमता 2250 एमसीएफटी से भरे गंभीर डेम के पानी का मैनेजमेंट ठीक से नहीं किया। जब बांध का पानी तेजी से कम हुआ तो शहर में एक दिन छोड़कर जल प्रदाय करने लगे।

अफसरों का अनुमान था कि जून माह तक मानसून की बारिश शुरू होगी और डेम भरने लगेगा, लेकिन इस वर्ष मानसून की बेरूखी का नतीजा यह रहा कि अगले दो दिनों में बारिश नहीं हुई तो शहर में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय करना पड़ सकता है। आज की स्थिति में गंभीर बांध पूरी तरह सूखने की कगार पर है। कुछ डबरों में पानी अवश्य भरा है। डेम सूखने की स्थिति में जमीन पर घास उग आई है, गायें और भैंस डेम में चारा खा रहीं हैं। फोटो: मुकेश पांचाल

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