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उज्जैन : तेज गर्मी, उमस के बाद 15 मिनिट बारिश फिर धूप निकली

उज्जैन। मानसून की बारिश नहीं होने के कारण आधा जुलाई माह गुजरने के बाद भी लोगों को तेज गर्मी और उमस से बचने के लिये कूलर, पंखे और एसी का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह तेज गर्मी, उमस के बीच 15 मिनिट तक बारिश हुई और फिर धूप खिलने के बाद गर्मी पडऩे लगी।

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प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं होने के कारण उमस और तेज गर्मी का वातावरण बना हुआ है। परेशान लोगों को कूलर और पंखों से काम चलाना पड़ रहा है। सुबह 10 बजे बादल छाने के बाद बारिश शुरू हुई, लोगों को उम्मीद थी कि अच्छी बारिश होगी लेकिन 15 मिनिट बारिश के बाद बादल छंट गये और फिर धूप खिल आई। वातावरण में उमस और गर्मी का वातावरण हो गया। वेधशाला से मिली जानकारी के अनुसार न्यूनतम तापमा 25 डिग्री रहा जबकि आद्र्रता 80 प्रतिशत दर्ज हुई है। बारिश व हवा की गति शून्य रही। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में प्रदेश के किसी भी जिले में मानसून की गतिविधि सक्रिय नहीं है इस कारण अच्छी बारिश के लिये इंतजार करना होगा।

मानसून की बेरुखी अखरने लगी

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जुलाई माह आधा बीतने को है, लेकिन लगातार झमाझम बारिश देखने के लिए लोग तरस गए हैं। मानसून की बेरुखी अब अखरने लगी है। लोग भीषण गर्मी और उमस से हलकान हो रहे हैं। शहर में लोगों को न तो दिन में चैन मिल रहा है, ना ही रात को सुकून। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक छोटे-छोटे और कम प्रभावी सिस्टम से पार्ट-पार्ट मे बौछारें पड़ रही हैं, पर यह पर्याप्त नहीं हैं। हालात ऐसे बनते हैं कि आधे शहर में बौछारें पड़ती है और आधा शहर सूखा रहता है। दरअसल दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। जून माह में मानसून के आने के बाद रुक-रुक कर पड़ी बौछारों का दौर जुलाई में भी ऐसा ही बना हुआ हैं। इंतजार झमाझम बरसात का हैं। बारिश नहीं होने के कारण किसान भी हताश होने लगे हैं। विशेषकर बोवनी कर चुके किसानों की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अभी तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम नहीं बने हैं। इससे उज्जैन और आसपास के इलाकों में अपेक्षित बरसात नहीं हुई।

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