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कम दबाव के कारण नहीं भरीं पुराने शहर की टंकियां, गर्मी में खड़ी हुई पानी की किल्लत

फोन बजे तो अफसर पहुंचे देवासगेट कंट्रोलरूम, मैनेजमेंट की समीक्षा कर कहा-समस्या हल करें

 

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन।भर गर्मी के मौसम में रविवार को पुराने शहर के रहवासियों के सामने पानी की मुसीबत खड़ी हो गई। कम दबाव के कारण कई इलाकों की टंकियां नहीं भरीं, इसके चलते लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। जब लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा तो उन्होंने पार्षदों को फोन लगाए और फिर पार्षदों ने अफसरों को। मसला अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह से होता हुआ निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा तक पहुुंचा तो देवासगेट स्थित कंट्रोलरूम में पीएचई अफसरों की क्लास लग गई। करीब डेढ़ घंटे तक कंट्रोल रूम में बैठे निगमायुक्त ने कहा कि जब सब कुछ ठीक है तो पानी लोगों तक क्यों नहीं पहुंच रहा। मुझे समस्या का हल कल तक चाहिए।

दरअसल शहर की जल सप्लाई में दिक्कत कई महीनों से चल रही है। इसकी मुख्य वजह है कम प्रेशर। शहर में टंकियों की संख्या बढ़कर 40 से ज्यादा हो गई है, जबकि लाइन पुरानी है। ऐसे में टंकियों तक पूरे प्रेशर से पानी नहीं पहुंचता है। यही कारण है कि कई टंकियां पूरी तरह नहीं भर पाती, जब जलप्रदाय शुरू होता है तो पाइपलाइन में प्रेशर नहीं रहता और जल की सप्लाई नहीं होती। यह समस्या उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के वार्डो में ज्यादा है। रविवार को भी कई टंकियां नहीं भर पाईं, इस वजह से सुदामानगर, क्षीरसागर, निजातपुरा, भागसीपुरा, कलालसेरी, मालीपुरा क्षेत्र में पानी की सप्लाई ठीक सेन हीं हो सकी। ऐसे में पार्षद रजत मेहता, योगेश्वरी राठौर, शिवेंद्र तिवारी , रवि राय ने अफसरों को फोन लगाए तो पीएचई विभाग हिल गया।

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आयुक्त ने कहा स्थिति ठीक कीजिए

नि गमायुक्त अभिलाष मिश्रा और अपर आयुक्त पवन कुमारसिंह ने कम प्रेशर से जल सप्लाई की समस्या पर तत्काल संज्ञान लिया और पीएचई के कार्यपालन यंत्री वैभव भावसार, सहायक यंत्री शिवम दुबे और सब इंजीनियर रिदम शाह को मौके पर बुलाया। कंट्रोल रूम का दायित्व संभाल रहे दुबे ने अफसरों को बताया कि प्रेशर पर्याप्त है। देवासगेट को छोड़ बाकी टंकियां पूरी तरह भर गई थीं।

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इस पर आयुक्त ने सवाल किया कि जब आपका सिस्टम सही है तो पानी क्यों नहीं पहुंच रहा। आप रात में जागकर यह पता करें कि आखिर मिस मैनेजमेंट क्यों हो रहा है। अगर पानी पर्याप्त है और सिस्टम ठीक से काम कर रहा है तो लोग क्यों परेशान हो रहे हैं। मुझे समस्या का हल चाहिए। करीब डेढ़ घंटे तक पीएचई के जिम्मेदारों की क्लास लेने के बाद आयुक्त रवाना हो गए।

देवासगेट की टंकी कम भर पाई थी: देवासगेट केा छोड़कर सभी टंकियां भर गई थीं। हालांकि यह टंकी थोड़ी ही खाली थी।
शिवम दुबे, सहायक यंत्री, पीएचई नगरनिगम

मिस मैनजमेंट का मसला है, दिखवा रहे हैं: जल सप्लाई में मिस मैनेजमेंट दिख रहा है। गर्मी का मौसम होने से खपत भी बढ़ गई है। इंजीनियरों से कहा है कि वह पता करें कि आखिर दिक्कत कहां हो रही है। अगर मिस मैनेजमेंट है तो उसे ठीक करें।
पवनकुमार सिंह
अपर आयुक्त नगरनिगम

क्या आ रही दिक्कत

पुराने शहर के कई इलाकों में पानी पूरे प्रेशर से नहीं आ रहा।

कई क्षेत्रों में गंदा पानी आ रहा।

टंकियां कम प्रेशर से भरा रही हैं और जलापूर्ति में दिक्कत आ रही है।

समस्या इसलिए गंभीर

गर्मी का मौसम चल रहा है। ऐसे में पानी की खपत बढ़ गई है।

लोगों के यहां कूलर चल रहे हैं और अन्य काम में भी पानी ज्यादा लग रहा है।

नए शहर (उज्जैन दक्षिण ) के 70 फीसदी घरों में बोरिंग है। इसलिए यहां की आबादी निगम के जल पर कम निर्भर है। पुराने शहर में बोरिंग की संख्या 30 प्रतिशत ही है। ऐसे में लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। वह निगम की सप्लाई पर ही निर्भर हंै।

निगम का पानी नहीं मिलने पर यह प्राइवेट टैंकर हैंडपंप और पुराने जलस्रोत पर निर्भर हो गए हैं।

 गर्मी में वाटर लेवल भी नीचे खिसक रहा है। इसलिए परेशानी ज्यादा बढ़ रही है।

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