Advertisement

नागदा होगा प्रदेश को 54वां और उज्जैन संभाग का आठवां जिला..

2018 से प्रारंभ हुई प्रक्रिया अब आगे बढ़ी….

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन नागदा जिले के तौर पर अस्तित्व में आने के बाद प्रदेश का 54 वां और उज्जैन संभाग का आठवां जिला होगा। नागदा को जिला बनाने के लिए वैसे तो प्रक्रिया 2018 में प्रारंभ हो गई थी,लेकिन यह आगे अब बढ़ी है।उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा चुनाव के पहले नागदा जिला बन जाएगा।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा नागदा, खाचरौद, आलोट और ताल को मिलाकर नागदा को जिला बनाने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर 30 दिवस में दावें/आपत्ति आमंत्रित किए गए है। शासन ने गजट नोटिफिकेशन कर उज्जैन, रतलाम जिले की सीमाओं में परिवर्तन करके नए जिले के लिए सीमाओं का निर्धारण किया गया है।

Advertisement

सूचना प्रकाशन की तारीख 28 जुलाई 2023 से 26 अगस्त 2023 तक दावें/आपत्ति प्रस्तुत किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह द्वारा 20 जुलाई 2023 को नागदा को जिला बनाने की घोषणा की थी। इसके पूर्व में भी नागदा को जिला बनाने घोषणा की थी, परंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं हीे पाई थी।

2018 को केबिनेट में हुआ था फैसला

Advertisement

 कमलनाथ सरकार द्वारा मंत्री परिषद् में 18 मार्च 2018 को नागदा, खाचरौद, ताल, आलोट, महिदपुर, झारडा, तहसील को नागदा को जिला बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया था। मुख्य सचिव द्वारा गजट नोटिफिकेशन की कार्यवाही के निर्देश दिए थे। गजट नोटिफिकेशन जारी कर दावें-आपत्ति आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही थी कि कमलनाथ सरकार चली गई।

इसके पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय की टीप क्रमांक 270/सीएमएस/बीसीएस/2019 दिनांक 28 जनवरी 2019 के माध्यम से खाचरौद, नागदा, महिदपुर, आलोट, ताल तहसील को मिलाकर नागदा को जिला बनाने के संबंध में कार्यवाही किए जाने के निर्देश पर

कलेक्टर उज्जैन से पत्र क्रं. 387/102/2019/सात-6, दिनांक 29 मई 2019 को प्रतिवेदन मांगा गया।

कलेक्टर उज्जैन द्वारा पत्र क्रं. 1932/भूअ/रानि/2019, दिनांक 13 जुलाई 2019 द्वारा उज्जैन जिले की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए उज्जैन जिले में से नवीन नागदा जिला सृजित किए जाने एवं तद्नुसार उज्जैन जिले की सीमाएं परिवर्तित किए जाने का प्रस्ताव राजस्व विभाग को प्रेषित किया गया।

राजस्व विभाग द्वारा पत्र क्रं. 560/102/2019/सात-6 दिनांक 07 अगस्त 2019 को कलेक्टर उज्जैन से निर्धारित प्रपत्र में जानकारी मांगी गई थी।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह द्वारा 20 जुलाई 2023 को नागदा को जिला बनाने की घोषणा के बाद फिर से आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर नोटिफिकेशन जारी किया गया है।

नागदा जिला बनाने की घोषणा पूरी होते ही प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 54 तक पहुंच जाएगी। वहीं उज्जैन संभाग में उज्जैन,देवास,शाजापुर,आगर-मालवा,मंदसौर,रतलाम और नीमच के बाद नागदा आठवां जिला होगा। बता दें कि मध्य प्रदेश के पुर्नगठन के बाद 45 जिले थे, अब यह संख्या बढ़कर 54 तक पहुंच गई है (नागदा को शामिल करने पर) पिछले 23 सालों में प्रदेश में 9 नए जिले बने हैं।

इस तरह होंगी उज्जैन, नागदा और रतलाम जिले की सीमाएं

नागदा जिले के पूर्व में उज्जैन, पश्चिम में रतलाम, उत्तर में मंदसौर व जिला झालावाड़ (राजस्थान ) रहेगा। इसके अलावा दक्षिण में जिला उज्जैन की सीमाएं रहेगी।

उज्जैन के पूर्व में शाजापुर, पश्चिम में रतलाम, उत्तर में प्रस्तावित नागदा जिला और दक्षिण में इंदौर की सीमाएं हैं। गजट नोटिफिकेशन के अनुसार उज्जैन में तहसील उज्जैन नगर, उज्जैन, कोठी महल, घट्टिया, तराना, महिदपुर, बडऩगर, झारड़ा और माकड़ौन तहसील रहेगी। नागदा जिले में वर्तमान जिला उज्जैन की तहसील नागदा व खाचरौद और रतलाम जिले की ताल व आलोट को शामिल किया जाएगा।

रतलाम जिले के पूर्व में उज्जैन और प्रस्तावित जिला नागदा, पश्चिम में प्रतापगढ़ (राजस्थान), उत्तर में मंदसौर, दक्षिण में धार जिले की सीमाएं हैं। रतलाम में तहसील रतलाम शहर रतलाम ग्रामीण, सैलाना, रावटी, बाजना, जावरा व पिपलौदा तहसीलें रहेंगी।

दावे-आपत्ति मिलने पर उसका समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा, दावे-आपत्ति निराकरण होने के बाद शासन फाइनल नोटिफिकेशन जारी करेगा, फिर नागदा जिला बन जाएगा, नागदा जिला बनने के साथ ही प्रशासनिक अमला तैनात होगा।

Related Articles