परिवार की महिलाओं को कस्टडी में लिया, डरे बिश्नोई गैंग के गुर्गे राजपाल ने सरेंडर कर दिया

भीलगांव फायरिंग: किसान के घर फायरिंग करवा 10 करोड़ मांगे थे

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन/नागदा। खरगोन के भीलगांव में किसान व व्यापारी दिलीप सिंह राठौर के घर पर फायरिंग और 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाश राजपाल सिंह चंद्रावत ने गुरुवार को नागदा पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।
सरेंडर से पहले राजपाल ने खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए कहा कि गैंग का मकसद गलत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना और पीडि़तों के साथ खड़ा रहना है। वह खुद भी पीडि़त रहा है, इसलिए गैंग ज्वाइन की। राजपाल के मुताबिक भीलगांव में वारदात को उसे अंजाम देना था, लेकिन सफल नहीं होने पर उसने हैरी बॉक्सर के मार्फत किसान और व्यापारी राठौर के घर पर वारदात करवाई थी।
यूं पकड़ाया: पुलिस के दबाव में किया सरेंडर
हैरी बॉक्सर को इंदौर क्राइम ब्रांच उद्योगपतियों और कारोबारियों को धमकाने व फिरौती मांगने के मामलों में आरोपी बना चुकी है। वह विदेश से गैंग का संचालन कर रह है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव के चलते आरोपी राजपाल ने सरेंडर किया है। दिलीप सिंह के घर फायरिंग की वजह बताते हुए राजपाल ने कहा कि उसके एक साथी योगेश भाटी को कसरावद पुलिस पकड़ चुकी है,
जबकि एक अन्य साथी कुलदीप ने पुलिस के सामने जानकारी उजागर कर दी थी, जिससे गैंग के सदस्यों तक पहुंचना संभव हो गया था। राजपाल ने बताया कि पुलिस ने परिवार की महिलाओं को कस्टडी में ले लिया था और इस वजह से वह दबाव में आ गया था। इस लिए उसने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया।
इंदौर, भोपाल में भी हुई थी वारदात
खरगोन के भीलगांव में हुई फायरिंग के बाद इंदौर, भोपाल, अशोक नगर, के अलग-अलग थानों में इस गैंग के सदस्यों ने फायरिंग कर फिरोती मांगी थी। प्रदेश के कई जिलों में इस गैंग के खिलाफ मामले दर्ज होने के बाद डीपीजी कैलाश मकवाणा ने 9 सदस्यीय एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की है। गौरतलब है कि 3 साल पहले एनआईए केस होने पर राजपाल और उसके साथियों पर बाउंड ओवर की कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद गैंग के जरिए खौफ का माहौल बनाने की कोशिश जारी रही।









