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प्रयागराज महाकुंभ की वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया का उज्जैन में संन्यास

अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी, पिंडदान किया

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उज्जैन। प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आईं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल हर्षा रिछारिया ने रविवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर उज्जैन में संन्यास ले लिया। उन्हें मौनतीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने संन्यास दीक्षा दी। संन्यास परंपरा के अनुसार उन्हें शिखा और दंड त्याग की विधि कराई गई। साथ ही तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी कराए गए जो पूर्व जीवन के त्याग और नए आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माने जाते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद हर्षा रिछारिया ने संन्यास ग्रहण किया। अब उन्हें स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जाना जाएगा। स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि वे अपना जीवन धर्म, संस्कृति और समाज की सेवा में समर्पित करेंगी और संन्यास की मर्यादा का पालन करेंगी।

दरअसल, हर्षा रिछारिया (अब हर्षानंद गिरि) प्रयागराज महाकुंभ में 4 जनवरी 2025 को निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के रथ पर संतों के साथ बैठने के बाद चर्चा में आई थीं। पेशे से मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर होने पर साध्वी रूप में नजर आने पर उस समय संत समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। विवाद बढऩे पर उन्होंने बीच में ही महाकुंभ छोड़ दिया था। उन्होंने स्वयं को आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या बताया था। इसके बाद वह फिर से ग्लैमर की दुनिया में लौट आई थीं और लगातार इंस्टाग्राम पर नए-नए लुक्स शेयर कर रही थीं।

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भगवान महाकाल दर्शन करने पहुंची थीं
प्रयागराज महाकुंभ के बाद वर्ष 2025 में हर्षा रिछारिया दो बार भगवान महाकाल के दर्शन करने भी श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। वह काफी गुप्त रूप से आई थीं लेकिन उन्हें श्रद्धालुओं ने पहचान लिया था।

पिता बस कंडक्टर
हर्षा का मूल घर उत्तरप्रदेश के झांसी में है। उसके पिता दिनेश बस कंडक्टर हैं, जबकि मां किरण बुटीक चलाती हैं। उनका एक भाई कपिल है जो प्राइवेट नौकरी करता है। पूरा परिवार भोपाल में रहता है।

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