प्रेमिका ने बात करना बंद किया, बैतूल से आए प्रेमी ने खुद को गोली मारकर दी जान

बहन-जीजा के घर आई युवती से मिलने स्कूटर से आ पहुंचा युवक, पिस्टल भी साथ लाया

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बंगाली कॉलोनी में शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक युवक बैतूल जिले के सारणी का रहने वाला था, जो अपनी प्रेमिका को मनाने उज्जैन आया था। पुलिस ने मौके से एक देशी पिस्टल और एक्टिवा बरामद की है।
सीएसपी दीपिका शिंदे के मुताबिक घटना शनिवार शाम करीब 6.30 बजे बंगाली कॉलोनी निवासी विनय गायनी के घर पर हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक निखिल आहके (निवासी सारणी, बैतूल) अपनी एक्टिवा (एमपी 48 जेड सी 8592) से उज्जैन पहुंचा था। वह सीधे अपनी बंगाली कॉलोनी में बहन-जीजा (विनय गायनी) के घर गया। विनय की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उस समय उनके पति घर पर नहीं थे। घर के अंदर आ धमके निखिल ने उनकी छोटी बहन से बात करने की कोशिश की।
जब उसने बात करने से इनकार किया और निखिल को जाने का कहा, तो निखिल विवाद करने लगा। निखिल ने आक्रोश में आकर दोनों बहनों को एक कमरे में बंद किया और अगले ही पल खुद के सीने पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने कमरा खोलकर बहनों को बाहर निकाला। पड़ोसियों ने ही पुलिस को सूचना देकर बुलाया। सीएसपी शिंदे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है और वह पिस्टल साथ लेकर आया था। पुलिस ने मौके से एक देशी पिस्टल और युवक की एक्टिवा जब्त की है।
नंबर ब्लॉक करने से था परेशान
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निखिल और युवती के बीच पिछले डेढ़ साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। कुछ समय पहले दोनों के बीच अनबन हुई, जिसके बाद युवती ने निखिल का नंबर ब्लॉक कर दिया था। बातचीत बंद होने से परेशान निखिल उसे ढूंढते हुए उज्जैन आ गया था, क्योंकि युवती तीन दिन पहले ही अपने जीजा-बहन के घर रहने आई थी।
बहन और चाचा रिश्तेदारों के साथ आए उज्जैन
मृतक निखिल के चाचा महेश और बहन ज्योति रविवार की सुबह रिश्तेदारों के साथ उज्जैन पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद निखिल का शव उन्हें सौंप दिया गया। चर्चा में उन्होंने निखिल के प्रेम प्रसंग या अन्य मामलों की जानकारी से इंकार किया। हालांकि पुलिस प्रेम संबंधों पर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
घर पर बिना बताए 4 फरवरी से गायब
चाचा महेश ने बताया कि निखिल पिछले कुछ दिनों से घर वालों से नाराज था। वो ४ फरवरी से गाड़ी लेकर सारणी से बाहर चला गया था। परिजनों के नंबर भी ब्लाक कर दिए थे, इस कारण कोई संपर्क भी नहीं कर पा रहा था। वो उज्जैन कब-कैसे आया इस बारे में परिजनों को जानकारी नहीं है।
औद्योगिक प्लांट में काम करता है निखिल
वहीं सूत्रों का कहना कि निखिल औद्योगिक प्लांट की मशीनरी का जानकार था और काम के सिलसिले में वो अमरावती गया था। वहां से लौटने पर पता चला कि युवती उज्जैन आई तो वो एक्टिवा स्कूटर से ही उज्जैन के लिए निकल गया।
पिता नहीं, मां-दादी के साथ रहता
निखिल के पिता राजेश आहते की करीब डेढ़ साल पहले देहांत हो चुका है। वे इलेक्ट्रिशियन थे। परिवार में मां-दादी और छोटा भाई व बहन हैं। बहन ज्योति भोपाल में रहकर पढ़ाई व नौकरी करती है।








