बिजली शटडाउन, पुराना शहर घूंट-घूंट पानी को तरसा

अधिकतर टंकियां खाली रहने से गर्मी के मौसम में जल के लिए भटकते रहे लोग
सप्लाई वाली जगह पर बंटा गंदा-बदबूदार पानी
अक्षरविश्व न्यूज
उज्जैन। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शटडाउन ने गुुरुवार को पुराने शहर को पानी के लिए तरसा डाला। अधिकतर टंकियां पूरी तरह नहीं भरीं और उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में पानी ही नहीं पहुंचा। भर गर्मी के इस मौसम में लोग पानी के लिए तपती धूप में परेशान होते रहे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को घेरा, पीएचई ंजीनियरों को फोन लगाएं और जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो बाल्टी-डिब्बे और कैन लेकर पानी तलाशने निकल पड़े। बोरिंग, कुओं पर भटकते लोग पूरे समय व्यवस्था को कोसते नजर आए।
दरअसल अंबोदिया स्थित गंभीर संयंत्र पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बुधवार शटडाउन लिया था। दोपहर में लिए गए इस शटडाउन के कारण संयंत्र की मोटरें नहीं चलीं और जल का शुद्धिकरण नहीं हो सका। शाम बिजली आई तो शहर में टंकियां भरने का काम शुरू हुआ लेकिन पर्याप्त प्रेशर नहीं मिलने से रात भर पंप चलने के बावजूद कई टंकियां खाली रह गईं। शहर की ४४ टंकियों में से खाली रह गईं टंकियों में पुराने शहर की टंकियां ज्यादा थीं।
टंकियों की स्थिति को देखते हुए ताबड़तोड़ वार्ड क्रंमाक 2, 8, 9, 10,11,12,13,14, 15,20 और 23 में जलप्रदाय नहीं करने का फैसला लिया गया। उज्जैन उत्तर विधानसभा के इन वार्डों के रहवासी सुबह जागे तो नल नहीं चले। ऐसे में उन्होंने फोन लगाना शुरू किए तो पता चला कि आज पानी नहीं आएगा। चूंकि पानी नहीं आने की सूचना अचानक दी गई तो लोग परेशान हो गए। वह जल की तलाश में बोरिंग और कुओं के पास भटकते रहे।
छह माह से गंदा, बदबूदार पानी पीने को मजबूर इब्राहिमपुरा बाखल के रहवासी

वार्ड 23 के इब्राहिमपुरा बाखल के 600 लोग गंदा, बदबूदार पानी पीने को विवश हैं। वह पीएचई, निगम के अफसरों से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरी में यह लोग बाखल के बाहर स्थित निजी बोरिंग से पानी ला रहे हैं। हालत यह है कि जमातखाना का टिफिन सेंटर को भी पानी नहीं मिल रहा है। बोहरा समुदाय के इस बाखल के रहवासियों को इंदौर के भागीरथ पुरा जैसा हादसा होने का डर बना हुआ है। दादाभाई नौराजी नगर की गली नंबर 2 में स्थित इब्राहिमपुरा बाखल में जल समस्या करीब छह महीने से बनी हुई है।
यह है समस्या
बाखल में पूरे दबाव से जल प्रदाय नहीं होता। ऐसे में रहवासियों को पर्याप्त पानी नहीं मिलता।
पानी गंदा आता है। इसमें से बदबू आती है।
जल समस्या को दूर करने के लिए बाखल में सांसद निधि से 20 साल पहले बोरिंग कराया गया था। यह बोरिंग धंस गया है। इस वजह से मोटर नहीं चलती।
इब्राहिमपुरा बाखल में ही बोहरा समुदाय का सामूहिक किचन सेंटर चलता है। यहां रोजाना 250 परिवारों का भोजन बनता है। भोजन बनाने, बर्तन साफ करने में रोजाना ५ हजार लीटर पानी लगता है। निगम की सप्लाई नहीं मिलने पर जमातखाने के कुएं से खाना बनाया जा रहा है।
क्या कहते हैं रहवासी
गंदा पानी आता है। यह किसी काम का नहीं होता। ना पी सकते हैं ना किसी और काम मेें ले सकते हैं।-बुरहाउद्दीन अत्तार अत्तार कारोबारी
छह महीने से जल समस्या झेल रहे हैं। सब दूर समस्या बता दी, कोई हल नहीं निकल रहा है।-युसूफ अली, इलेक्ट्रिक सामग्री व्यापारी
पीएचई के इंजीनियर, टंकी प्रभारी से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत कर चुके हैं, कोई निदान नहीं हो रहा।-फकरूद्दीन अली कांचवाला, कांच कारोबारी
बाखल के रहवासी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। गर्मी का मौसम चल रहा है। पानी बगैर कैसे काम होगा।-सेफुउद्दीन हरहरवाला इलेक्ट्रिक कारोबारी
किचन सेंटर में रोजाना ५ हजार लीटर पानी लगता है। नगरनिगम से बमुश्किल १०० लीटर पानी मिलता है। वह भी गंदा, बदबूदार। इसका उपयोग ना तो खाना बनाने मेें कर सकते हैं, ना बर्तन साफ करने में। जमात खाने के कुएं से पानी लेकर काम चला रहे हैं। यह भी अपर्याप्त है। आफताब दारुघर वाला, किचन सेंटर इंचार्ज, इब्राहिमपुरा बाखल
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने गंभीर क्षेत्र में शटडाउन लिया था। इस वजह से कुछ टंकियां पर्याप्त लेवल तक नहीं भर पाई थीं। इस वजह से कुछ जगह परेशानी हुई है।-अभिलाष मिश्रा, निगमायुक्त
मेरे विधानसभा क्षेत्र में पानी सप्लाई में आ रही समस्या को लेकर निगमायुक्त से बात की है। उन्होंने इसे ठीक करने का वादा किया है।-अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक उज्जैन उत्तर









