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महाकाल के आंगन में जन समुदाय उमड़ा…

श्रावण मास का आखिरी सोमवार उज्जैन में आस्था की अटूट कतार

12 बजे तके 60 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे

महाकाल मंदिर जाने वाले लगभग सभी मार्गों पर यह स्थिति रही

उज्जैन। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में जन समुदाय दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। अत्याधिक भीड़ होने से कुछ देर तके प्रोटोकाल व्यवस्था भी मंदिर समिति ने बंद कर दी।

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शाम को भगवान महाकाल की चौथी सवारी के दौरान भी अधिक भीड़ होने के अनुमान से अधिकारी व्यवस्था में जुटे है। राजस्थान के सीकर जिले के खाटु श्याम मंदिर में हादसे के बाद प्रशासन द्वारा भीड़ नियत्रंण पर खास निगाह रखी जा रही है।

श्रावण मास में शिव की आराधना के साथ शिव दर्शन की कामना के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर में देश भर से श्रद्धालु दर्शन को पहुंच रहे है। दोपहर 12 बजे तक करीब 60 हजार भक्तों ने दर्शन कर लिए थे। हालांकि श्रावण माह शुरू होने के साथ ही प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। फिलहाल श्रावण मास समाप्त होने के पहले श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ी कि बेरिकेट्स खचाखच भरे रहे।

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बारिश के दौरान भी शिव भक्तों का उत्साह कम नही हुआ था। बढ़ती भीड़ के बाद मंदिर समिति ने प्रोटोकाल व्यवस्था सुबह से दोपहर तक के लिए बंद कर दी। इसके साथ 250 रु. के सशुल्क दर्शन के प्रवेश की व्यवस्था बदलने के कारण श्रद्धालु परेशान होते रहे। लिहाजा टिकट लेने वाले श्रद्धाओं को लंबा चक्कर लगाकर सामान्य दर्शनार्थियों की कतार में लगने के बाद दर्शन लाभ मिला।

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मंदिर परिसर बंद किया कार्तिकेय मंडपम से दर्शन

सुबह से ही भीड़ की स्थिति देखने के बाद मंदिर के अधिकारियों ने मंदिर परिसर की ओर जाने वाले मार्ग को बेरिकेट्स लगाकर बंद कर दिया था। वहीं शंख द्वार से कतार में आने वाले सामान्य श्रद्धालुओं को केवल कार्तिकेय मंडपम से दर्शन के बाद निर्गम द्वार से बाहर निकाला गया। इससे मंदिर में भीड़ लगने की संभावना नही रही। श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के बाद बाहर की ओर रवाना हुई।

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