शिव नवरात्रि की धूम, घटाटोप स्वरूप में सजे बाबा महाकाल

रुद्रपाठ से गूंजा मंदिर गुलाब से महका गर्भगृह

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि उत्सव के चौथे दिन आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। सोमवार को बाबा महाकाल का घटाटोप स्वरूप में मनमोहक शृंगार किया गया। इस दिव्य रूप के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। उत्सव के चौथे दिन परंपरा के अनुसार मंदिर प्रांगण स्थित कोटितीर्थ कुंड के तट पर सुबह श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन-अभिषेक हुआ। इसके बाद मुख्य पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों ने सस्वर रुद्रपाठ किया और भगवान महाकाल का विधि-विधान से अभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना की। दोपहर 3 बजे के बाद संध्या पूजन की प्रक्रिया शुरू हुई। अभिषेक के बाद भगवान महाकालेश्वर को नवीन और रेशमी परिधान धारण करवाए गए। गर्भगृह को गुलाब से सजाया गया है। मंगलवार को श्री श्री छबीना स्वरूप में बाबा श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
भक्त और भक्ति का स्वरूप बताया
शाम 4.30 से 6 बजे तक मंदिर परिसर में नवग्रह मंदिर के पास शिव कथा एवं हरि कीर्तन हुआ। आयुर्वेदाचार्य डॉ. अजय अपामार्जने ने भगवान महाकाल के भक्त नभगमुनि और भक्त नाभाग की कथा को आगे का वर्णन किया। इसके बाद भगवान शिव के भजन सुनाए एवं संत तुलसीदास जी के भजन सुनाकर सच्चे भक्त और भक्ति का स्वरूप बताया। कथा के दौरान तबला पर संगत श्रीधर व्यास ने की।









