हाईटेक टेक्निक, सिक्योरिटी और क्राउड मैनेजमेंट से सफल बनाएंगे सनातन का महापर्व

सिंहस्थ : डीजीपी ने किया ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम का शुभारंभ, राज्यभर में तैयार होंगे मास्टर्स टे्रनर्स

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत बुधवार को पुलिस सामुदायिक भवन में ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम का शुभारंभ डीजीपी कैलाश मकवाना ने किया। इसके तहत राज्यभर में मास्टर्स ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे। इस बीच एआई, ड्रोन सर्विलांस और सायबर वॉरियर्स पोर्टल के साथ सिक्योरिटी और क्राउड मैनेजमेंट रणनीति भी लागू की गई।
शुभारंभ पर डीआईजी नवनीत भसीन के स्वागत भाषण के बाद एसपी प्रदीप शर्मा ने प्र्रजेंटेशन के माध्यम से सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने वर्ष 2016 के सिंहस्थ के अनुभवों एवं आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए सिंहस्थ 2028 में संभावित श्रद्धालुओं की संख्या में होने वाली बढ़ोत्तरी, व्यवस्थाओं से संबंधित चुनौतियों एवं उसके समाधान के लिए बनाई रणनीति भी बताई।
इन बिंदुओं पर दी जानकारी
पुलिस बल की तैनाती योजना : सिंहस्थ के दौरान लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत, विभिन्न सेक्टरों में तैनाती एवं रिजर्व फोर्स की व्यवस्था।
यातायात एवं ट्रैफिक प्रबंधन : शहर में प्रवेश एवं निकास मार्गों का वैज्ञानिक निर्धारण, रूट डायवर्जन प्लान, पार्किंग स्थलों का चयन एवं रीयल-टाइम ट्रैफिक मॉनीटरिंग।
क्राउड मैनेजमेंट : घाटों, मंदिरों एवं प्रमुख स्थलों पर भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया एवं चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था।
रेलवे भीड़ प्रबंधन : उज्जैन रेलवे स्टेशन सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री दबाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष सुरक्षा एवं मार्गदर्शन व्यवस्था।
आने-जाने के मार्गों की जानकारी : उज्जैन आने वाले प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों का चिह्नांकन, इमरजेंसी रूट और वैकल्पिक मार्गों की योजना।
होल्डअप एवं डायवर्जन सिस्टम : अत्यधिक भीड़ की स्थिति में श्रद्धालुओं को नियंत्रित एवं सुरक्षित रखने के लिए होल्डअप पॉइंट्स की स्थापना और मूवमेंट।
पुलिस बल के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्था : बाहर से आने वाले पुलिस बल के लिए आवास, भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की योजना।
आधुनिक टेक्निक का इस्तेमाल : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस रिकग्निशन, ड्रोन सर्विलांस एवं सीसीटीवी कैमरों से निगरानी को मजबूत बनाना।
पोर्टल का किया अनावरण
इस बीच डीजीपी मकवाना ने सिंहस्थ सायबर वॉरियर्स योजना पोर्टल का अनावरण किया। यह पोर्टल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सायबर मॉनिटरिंग, अफवाहों पर कंट्रोल और तेजी से सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगी। डीआईजी (कानून व्यवस्था व सुरक्षा) तरुण नायक ने ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया इसके तहत राज्य के सभी जिलों से चयनित पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यह अधिकारी अपने-अपने जिलों में पहुंचकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी ट्रेनिंग देंगे। टे्रनिंग के दौरान 48 विषयों पर करीब 110 व्याख्यान होंगे। इसके अलावा फील्ड आधारित प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। एडीजी राकेश गुप्ता ने सिंहस्थ के लिए बेहतर योजना एवं समन्वय की जरूरत बताई।
पिछले सिंहस्थ का अनुभव किया शेयर
डीजीपी ने तैयारियों की सराहना करते हुए पिछले सिंहस्थ का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा सिंहस्थ जैसा विशाल आयोजन केवल प्रभावी योजना, समन्वय एवं लगातार ट्रेनिंग से ही सफल हो सकता है। उन्होंने पुलिस बल को हर प्रकार की इमरजेंसी स्थिति में तैयार रहने, टेक्निक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल और जनसहयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। डीजीपी ने प्रशिक्षणार्थियों के रहने के लिए बने प्रशिक्षणार्थी आवासीय भवन का भी लोकार्पण किया।
भगवान महाकाल के दर्शन किए
कार्यक्रम के पश्चात डीजीपी अधिकारियों के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर भी पहुंचे जहां उन्होंने सपत्नीक भगवान महाकाल के दर्शन कर आगामी सिंहस्थ के सफल आयोजन की कामना की। दर्शन के पश्चात पुलिस अधिकारियों ने उनका सम्मान भी किया।









