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मिलावट की आशंका में 372 लीटर घी जब्त

ब्रांडेड घी 630 से 650 लीटर तो श्रीकृष्णा घी 360 रुपए भाव का

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एक किलो शुद्ध घी की लागत आती है 650 रुपए

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। क्या जिले में शुद्ध घी के नाम पर मिलावटी घी बेचा जा रहा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि क्योंकि इंदौर की फर्मों से जिले की तहसीलों में 360 से 462 रुपए लीटर का घी मार्का वाले ब्रांडों के नाम से बिक रहा है। कम कीमत पर बिक रहे घी के मिलावटी होने की शंका में खाद्य विभाग की टीम ने बडऩगर की दो फर्म से 372 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया है। इनके नमूने जांच के लिए स्टेट लैब भेजे गए हैं। कुछ दिन पहले ही इनमें से एक ब्रांड का घी महिदपुर से जब्त किया गया था।

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दरअसल, फूड विभाग के अफसर शनिवार बडऩगर में जांच करने गए थे। यहां की दो एजेंसी पर उन्हें संदिग्ध घी मिला। पहली एजेंसी नयापुरा स्थित जय भारत एजेंसी थी। इस पर श्री कृष्णा देसी घी ब्रांड के पैकेट और डिब्बे मिले। 200 और 500 एमएल, 1 लीटर , 5 और 15 किलो के पैक में 337 लीटर घी इंदौर की वरुण मार्केटिंग से खरीदा गया था। इसकी कीमत 360 रुपए लीटर थी। इसी तरह महात्मागांधी मार्ग पर स्थित एजेंसी पर डेयरी मिल्क एगमार्क घी 500 एमएल और 5 लीटर के पैक में मिला। 35 लीटर घी की खरीदी 462 रुपए प्रति लीटर की दर पर की गई थी।

दोनों एजेंसी से बिक रहे घी की कीमत बाजार में मौजूद ब्रांडेड घी से 198 से 290 रुपए प्रति लीटर कम थी, ऐसे में घी के मिलावटी होने की शंका में इसे जब्त कर लिया गया। सैंपल स्टेट लैब भेजे गए हैं।

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क्यों मिलावटी की आशंका

बाजार में ब्रांडेड और डेयरी के घी के दाम 630 से 720 रुपए लीटर/ किलो हैं। ऐसे में थोक में भी इतनी कम कीमत पर घी सप्लाई करना आसान नहीं है। सुपर स्टोर के संचालक सुधीर नागर बताते हैं कि उज्जैन दुग्घ संघ के सांची घी की कीमत 650 और अमूल की 680 रुपए लीटर है। उज्जैन दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहन वासवानी कहते हैं कि उनके ब्रांड मधुर के एक किलो घी की कीमत 720 रुपए है। उनके मुताबिक एक किलो घी की लागत ही 650 रुपए तक आती है,ऐसे में 360रुपए लीटर के दाम पर घी नहीं बिक सकता।

क्या है घी का गणित

100 लीटर दूध में 5 से 5.50 किलो तक घी बनता है।

100 लीटर दूध की कीमत 6200 रुपए होती है।

इतने दूध से तैयार होने वाले घी की कीमत 3575 रुपए होती है।

घी बनाने के लिए दूध से क्रीम निकाला जाता है और 100 लीटर दूध से क्रीम निकालने के बाद करीब 90 लीटर सप्रेटा दूध बचता है।

सप्रेटा दूध 30 रुपए लीटर बिकता है।

मोहन वासवानी कहते हैं कि लागत से कम पर कोई भी व्यक्ति धंधा नहीं कर सकता। जब एक किलो घी की लागत ही ६५० रुपए तक आती है तो उससे कम पर मिलने वाला घी असली कैसे हो सकता है? उनके मुताबिक अमूमन घी भी तभी बनाया जाता है, जब दूध बिकने से बच जाता है। ब्रांडेड डेयरी भी बचे दूध से ही घी तैयार करती है। इसकी वजह यह है कि दूध को ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। अगर रखा भी जाए तो खर्चा ज्यादा आता है।

घी ही नहीं पनीर भी नकली बिक रहा
मोहन वासवानी कहते हैं कि घी ही नहीं पनीर भी नकली बिक रहा है। कुछ दिन पहले ही उनके ब्रांड के नाम से एक रेस्टोरेंट में पनीर सप्लाई करता युवक पकड़ा गया था। वह मधुर डेयरी के नाम से रसीद देकर मिलावटी पनीर बेच रहा था। इस मामले में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। वासवानी के मुताबिक १ किलो शुद्ध पनीर की लागत करीब 325 रुपए आती है। यह 375 से 400 रुपए किलो तक बिकता है। मिलावटी पनीर तो बाजार में २५० रुपए किलो तक है।

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