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कई प्रत्याशी 500 वोट तक नहीं पहुंचे

विधानसभा चुनाव 2023 वोटर्स ने सिरे से नकारा तीसरा मोर्चा, कई प्रत्याशी 500 वोट तक नहीं पहुंचे

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:विधानसभा चुनाव में वोटर्स ने तीसरा मोर्चा और निर्दलीय प्रत्याशियों को सिरे से नकार दिया। कांग्रेस-भाजपा को छोड़कर अन्य कोई दल अपनी सम्मानजनक मौजूदगी दर्ज नहीं करा पाई। जिले की सभी ७ सीट पर मुकाबला सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के ही बीच रहा।

विधानसभा चुनाव के परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिले में भाजपा-कांग्रेस के अलावा किसी अन्य राजनीतिक दल का कोई अस्तित्व नहीं है। इस विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी हो या बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी हो या अन्य कोई भी पार्टी मतदाताओं को रिझाना तो दूर, अपनी तरफ देखने तक के लिए मजबूर तक नहीं कर सकीं।

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यही वजह रही कि जिले की 7 विधानसभा सीटों के लिए मैदान में उतरे ५२ प्रत्याशियों में से सिर्फ १७ को ही जनता ने भरपूर मत रूपी आशीर्वाद दिया। इस बार जिले की दो विधानसभा सीट पर अल्पसंख्यक वर्ग के ४ प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था, लेकिन ये सभी दस मिलकर बमुश्किल १५०० मत भी हासिल नहीं कर सकें।

तीन निर्दलीय ने दिखाई ताकत

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आंकड़ों के मान से देखें तो जिले में तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी ताकत का एहसास कराया है,हालंकि तीनों से सफलता दूर रही है। इसमें राजेंद्र सोलंकी बडऩगर (३१००५),प्रकाश गौड़ (१०४८०) और महिदपुर से प्रताप सिंह आर्य (२०६६२) शामिल है। कांग्रेस-भाजपा को छोड़कर शेष अन्य दल और निर्दलीय के वोट की स्थिति १५० से ३५०० के बीच ही अटक गई। शेष प्रत्याशियों की हालत इसी से समझी जा सकती है कि सभी मिलकर भी ५० हजार मत नहीं पा सकें।

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