वीआईपी झोन में कोठी रोड बनेगा फोरलेन, सिर्फ पुराने पेड़ बचेंगे

15 अगस्त बाद प्रशासन करेगा फैसला, पीडब्ल्यूडी बना रहा योजना
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। शहर के वीआईपी क्षेत्र में कोठी रोड को फोरलेन बनाने की तैयारी प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के साथ मिलकर कर ली है। सर्वे के बाद यह तय हुआ है कि कुछ पुराने पेड़ बचाकर फोरलेन किया जाएगा। 15 अगस्त के बाद योजना सामने आ सकेगी।
कोठी महल से तरणताल तक 1.8 किमी लंबी इस रोड को फोरलेन करने की योजना है। इस पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। इसका टेंडर भी हो चुका है लेकिन पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के कारण योजना पर ब्रेक लगा हुआ है। सूत्रों के अनुसार प्रशासन के अधिकारियों ने मामले में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री से चर्चा कर पुराने पेड़ों को बचाकर रोड बनाने की योजना तैयार की है। हालांकि इसमें कुछ ही पेड़ बच रहे हैं। रोड पर काफी पेड़ हैं और इनसे क्षेत्र की अलग पहचान है।
फोरलेन तो यहां बनाने की जरूरत है…
कोठी रोड को फोरलेन करने की जरूरत नहीं है। इसके बाद भी प्रशासन इसे सिर्फ इसलिए फोरलेन करने की योजना बना रहा, क्योंकि यह वीआईपी क्षेत्र है। हालांकि यहां जाम के हालात नहीं बनते। दूसरी ओर कालभैरव रोड पर वीर सावरकर चौराहा से गढ़कालिका तथा भृर्तहरि गुफा जाने वाला मार्ग इतना संकरा है कि एक वाहन भी मुश्किल से निकल पाता है।
यह सिंहस्थ क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है और बीच में पुरातत्व महत्व का विष्णु चतुष्टिका मंदिर भी है। इस मार्ग पर यात्रियों का आवागमन ज्यादा होता है और यह क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है। इस मार्ग को फोरलेन करना जरूरी है, लेकिन संभवत: अभी इसके लिए प्रशासन ने योजना तैयार नहीं की है जबकि इसके लिए पहली प्राथमिकता से काम करने की जरूरत है। 20 करोड़ रुपए इस रोड पर खर्च किए जाएंगे तो सिंहस्थ 2028 में ज्यादा फायदा होगा।
जल्द होगा निर्णय
कोठी से तरणताल तक की रोड को फोरलेन बनाने के बारे में जल्द ही निर्णय होगा। इसके लिए अभी पुराने पेड़ों को बचाने की योजना पर काम चल रहा है। योगेंद्र बागोले सीई पीडब्ल्यूडी









