हर घंटे पहुंचीं 100 शिकायतें, दो से तीन घंटे तक नहीं सुधरे फॉल्ट

बिजली कंपनी के दावों की पोल खुली, सालभर मेंटेनेंस के बाद भी हल्की बारिश में ही आधा शहर अंधेरे में…

दूसरे भी दिन कमोबेश रही यही स्थिति, वीआईपी इलाके में सबसे ज्यादा हालत खराब
उज्जैन। अभी बारिश के मौसम की शुरुआत नहीं हुई है लेकिन दो दिनों से जारी बारिश ने मप्र विद्युत वितरण कंपनी के निर्बाध बिजली प्रदाय के दावों की पोल खोलकर रख दी। रविवार के बाद सोमवार को भी हुई बारिश के चलते बिजली सप्लाय व्यवस्था ठप रही जिससे आधा शहर अंधेरे में डूबा रहा। कोठी रोड और उद्यन मार्ग जैसे वीआईपी एरिया में हालात सबसे बुरे रहे। यहां हर पांच मिनट में बिजली आती-जाती रही, जबकि कलेक्टर, एसपी सहित बड़े-बड़े अधिकारी यहीं रहते हैं। दरअसल, बिजली कंपनी पूरे साल लाइनों का मेंटेनेंस करता है। इसके अलावा प्री मानसून से पहले भी विशेष रूप से अभियान चलाया जाता है। इतना सब करने के बाद भी हर साल हल्की सी बारिश में भी शहर अंधेरे की आगोश में डूब जाता है।
इन कॉलोनियों में रहे सबसे बुरे हाल
उद्यन मार्ग, अलकापुरी, सेठीनगर, लक्ष्मीनगर, फ्रीगंज, सिंधी कॉलोनी, विवेकानंद कॉलोनी, ऋषिनगर, महाकाल वाणिज्यिक केंद्र, इंदिरा नगर आगर रोड सहित कई अन्य कॉलोनियों और मोहल्ले में लाइट गुल होने से सबसे बुरे हालात रहे। यहां देर रात तक लोग परेशान दिखे।
कॉल लगाकर शहरवासी परेशान
जैसे ही लाइट गुल हुई, लोगों ने बिजली कंपनी को फोन घनघनाना शुरू कर दिए। इसके बाद अलग-अलग झोन की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में सुधार कार्य करने निकली। देर रात तक सुधार कार्य चलने से कई क्षेत्रों में घंटों बिजली नहीं आई और लोग परेशान होते रहे।
150 से ज्यादा कॉल पर इंगेज
बिजली संबंधी शिकायतें सुनने के लिए टोल फ्री नंबर १९१२ 24 घंटे सक्रिय रहता है लेकिन शिकायतों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई कि इस टोल फ्री नंबर पर फोन लगना ही बंद हो गए। बाद में रिकॉर्डेड मैसेज चलता रहा जिसमें यह बताया कि कॉल अटैंड करने के लिए इस समय कोई मौजूद नहीं है। दरअसल, यह टोल फ्री नंबर १६ जिलों के लिए है जिसमें उज्जैन भी शामिल है। हकीकत यह है कि १५० से ज्यादा कॉल आने पर फोन इंगेज मिलता है।
कार्यपालन यंत्री ठाकुर का झूठ
पश्चिम क्षेत्र बिजली कंपनी के शहर संभाग के कार्यपालन यंत्री जयेंद्र ठाकुर का कहना है दक्षिण क्षेत्र में बिजली चालू रही। समस्या है तो 1912 पर कॉल करें।
पढि़ए सीई का हास्यास्पद बयान….
आंधी-तूफान पर किसी का नियंत्रण नहीं रहता, फिर भी हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं। हमारी स्थिति 2014 से बेहतर है जब व्यवस्था निजी कंपनी के हाथ में थी। अभी भी टीमें लगी हुई हैं। मौसम बिगडऩे से दिक्कत आ रही है।
– बीएल चौहान, सीई









