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दिल्ली में अब ‘कारों का परिवार नियोजन’! तीसरी गाड़ी सिर्फ इलेक्ट्रिक, पेट्रोल-डीज़ल पर कसेगा शिकंजा – जानें नई EV पॉलिसी 2.0 की बड़ी बातें

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियों का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा। हर गली-नुक्कड़ कारों से पटा पड़ा है, आलम यह है कि एक-एक घर में 3-4 गाड़ियां आम बात हो गई हैं। इस ‘कार-क्रांति’ ने जहां एक ओर प्रदूषण का ग्राफ आसमान पर पहुंचा दिया है, वहीं पार्किंग की समस्या भी विकराल रूप ले चुकी है। आम आदमी का सड़कों पर निकलना तक दूभर हो गया है। इन्हीं गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली सरकार अब एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार एक नई और महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक वाहन नीति (EV Policy 2.0) लाने की तैयारी में है, जिसका मसौदा (ड्राफ्ट) भी सामने आ चुका है।

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इस नए ड्राफ्ट का सबसे चर्चित और क्रांतिकारी पहलू है – ‘कारों के लिए परिवार नियोजन’ जैसा नियम! जी हां, इस नीति का लक्ष्य है जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल और सीएनजी) से चलने वाली गाड़ियों पर लगाम कसना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना। ड्राफ्ट के अनुसार, दिल्ली के हर घर में यदि दो निजी कारें (पेट्रोल, डीजल या सीएनजी) पहले से मौजूद हैं, तो खरीदी जाने वाली तीसरी निजी कार अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) ही होनी चाहिए।

तीसरी कार सिर्फ इलेक्ट्रिक होगी!

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इसका सीधा मतलब है कि अगर आपके पास पहले से दो पेट्रोल, डीज़ल या सीएनजी कारें हैं और आप एक और, यानी तीसरी कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको इलेक्ट्रिक कार का ही विकल्प चुनना होगा। हालांकि, जिन परिवारों के पास पहले से तीन या उससे अधिक गाड़ियां हैं, उन पर यह नियम पिछली खरीद पर लागू नहीं होगा। लेकिन, भविष्य में जब भी वे कोई नई कार खरीदेंगे, तो उन्हें इलेक्ट्रिक विकल्प ही चुनना होगा।

क्या हैं महत्वाकांक्षी लक्ष्य?
इस नई नीति का दूरगामी उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:

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  • 2027 तक: दिल्ली में पंजीकृत होने वाली 95% नई कारें इलेक्ट्रिक हों।

  • 2030 तक: इस आंकड़े को बढ़ाकर 98% तक पहुंचाया जाए।

सिर्फ कारें ही नहीं, टू-व्हीलर्स और ऑटो पर भी नज़र:
इस ड्राफ्ट में सिर्फ कारों तक ही बात सीमित नहीं है, बल्कि दोपहिया वाहनों और ऑटो रिक्शा के लिए भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव हैं:

  • अगस्त 2026 से: गैर-इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (पेट्रोल, डीजल या सीएनजी से चलने वाले स्कूटर और बाइक) के नए पंजीकरण पर भी प्रतिबंध लगाने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि अगले साल अगस्त के बाद दिल्ली में नए पेट्रोल/डीजल/सीएनजी टू-व्हीलर नहीं खरीदे जा सकेंगे।

  • अगस्त 2025 से: दिल्ली में सीएनजी ऑटो रिक्शा के नए पंजीकरण पर भी रोक लगाने की योजना है।

यह कदम दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह अभी ड्राफ्ट पॉलिसी है और इस पर आगे विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

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