पर्युषण महापर्व पर मनाया संवत्सरी, आज मांगेंगे क्षमा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जैन श्वेतांबर समाज ने पर्युषण महापर्व के आठवे दिन समापन मौके पर 27 अगस्त को संवत्सरी दिवस मनाया। श्री राजेंद्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर नमक मंडी में सुबह सामूहिक प्रतिक्रमण, पूजन एवं स्नात्र हुआ। साध्वी श्री जिनकृपा श्रीजी ने बारसा सूत्र का वाचन किया। 28 अगस्त को क्षमापना दिवस मनाया जाएगा जिसमें सभी घर-घर जाकर मिच्छामि दुक्कड़म बोलकर क्षमा याचना करेंगे।

श्रीसंघ अध्यक्ष मदनलाल रुनवाल ने साध्वी वर्या से जाने-अनजाने हुईं त्रुटियों के लिए सकल श्रीसंघ की ओर से क्षमायाचना की। सचिव संजय कोठारी ने सभा में वर्थीतप की कठिन तपस्या कर रहे श्री संघ एवं परिषद परिवार के तपस्वी शैलेंद्र तल्लेरा, प्रमिला तल्लेरा, पायल चौरडिय़ा, लक्की चौरडिया के साथ ही 11 उपवास एवं अट्टाई की तपस्या के तपस्वी कमलेश कोचट्टा, अजय गिरिया, अक्षत तल्लेरा, मीनल तल्लेरा, शैली गिरिया, यामिनी सकलेचा एवं निरल मेहता का बहुमान किया।
सभा के पश्चात लाभार्थी हुकुमचंद मिश्रीलाल चोरडिया परिवार ने गुरुदेव की आरती कराई। इस महापर्व पर 80 श्रावक-श्राविकाओं ने पोषध व्रत धारण कर एक दिवसीय साधु जीवन जिया। वीरेंद्र गोलेचा ने बताया कि दोपहर में चैत्यपरिपाटी जुलूस निकाला गया, जिसमें शामिल होकर समाज जनों ने नगर के विभिन्न जिनालयों में बैंड बाजो के साथ जाकर सामूहिक दर्शन एवं चैत्यवंदन किया। संध्या को सामूहिक सवत्सरी प्रतिक्रमण किया गया, जिसमें सभी ने जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए 84 लाख जीव योनियों के सभी प्राणियों से क्षमा याचना की। भगवान की भव्य आरती हुई।









