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स्टेशन से महाकाल मंदिर के बीच चलेंगी 54 केबल कार

दिवाली बाद मुख्य स्टेशन का काम पकड़ेगा रफ्तार, त्योहार के कारण धीमा काम

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर के बीच रोप वे प्रोजेक्ट का काम शुरू हो गया है। स्टेशन से मंदिर के पास रुद्रसागर के बीच रोज करीब 54 केबल कार चलाई जाएंगी। अभी मालगोदाम के बाहर मुख्य स्टेशन बनाने का काम ही शुरू हो सका है। त्रिवेणी संग्रहालय और रूद्रसागर ब्रिज के सामने स्टेशन बनाने का काम अभी शुरू होना बाकी है। दशहरा और दिवाली त्योहार के कारण यह काम धीमा पड़ गया है। दावा किया जा रहा है कि दिवाली बाद इसका काम रफ्तार पकड़ सकेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन द्वारा महाकाल मंदिर तक रोप वे चलाने के लिए करीब 200 करोड़ की लागत से प्रोजक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन अभी भी दो स्टेशन के काम शुरू नहीं हो सके हैं। जबकि सिंहस्थ 2028 से पहले इसे शुरू करने का टारगेट रखा गया है। सूत्रों के अनुसार इस देरी की बड़ी वजह यह बताई जा रही है कि एक टॉवर की जगह बदलना पड़ी, जिससे पूरे प्रोजक्ट की डिजाइन नए सिरे से बनाई गई।

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इस कारण प्रोजक्ट पर असर पड़ा और देरी से काम शुरू हो सका। अभी भी कंपनी केवल मुख्य स्टेशन का ही काम शुरू कर सकी है। त्रिवेणी संग्रहालय पर पार्किंग तोडऩे का काम शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए ठेकेदार की तलाश की जा रही है। कई बार टेंडर निकालने के बाद भी स्मार्ट सिटी को ठेकेदार नहीं मिल सका है। इस कारण भी रोप वे प्रोजक्ट की रफ्तार पर असर पड़ सकता है।

ब्रिज के ऊपर नहीं चलेंगे केबल, मकानों से 32 फीट ऊपर

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रोप वे प्रोजक्ट के तहत केबल हरिफाटक ओवरब्रिज के ऊपर से नहीं चलाई जाएंगी। इसको ध्यान में रखकर डिजाइन बनाई गई है। मकानों और होटलों से करीब 32 फीट की ऊंचाई पर केबल चलाई जाएंगी। 1.76 किलोमीटर लंबे रूट पर 50 से अधिक केबल चलाई जाने की योजना है। हालांकि अभी इनकी संख्या अभी फाइनल नहीं हो सकी है। पूरी डिजाइन मिलने पर ये तय होंगे, लेकिन अनुमान है कि 54 रखी जा सकती है। इससे मुश्किल से 10 मिनट में स्टेशन से मंदिर तक लोग पहुंच सकेंगे।

पीएम से भूमिपूजन नहीं करा सके गडकरी
रोप वे का काम शुरू करने के लिए केंद्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देपालपुर में घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से निर्माण कार्य का भूमिपूजन कराया जाएगा, किंतु पीएम नहीं आ सके और समय की कमी के कारण काम शुरू करना पड़ा।

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