परिजनों से बिछड़ीं मासूम बच्चियां पुलिस ने मिलवाया तो छलक पड़े आंसू

उज्जैन। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को रामघाट पर लाखों श्रद्धालु आस्था का स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान परिजनों से बिछड़ी चार और तीन साल की दो बच्चियों को पुलिस ने उनके परिवार से मिलवा दिया। दरअसल, कायथा के ग्राम खजूरिया के रहने वाले राहुल पिता अनूप चौधरी अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ स्नान करने आए थे। इस बीच भीड़ में उनकी 4 साल की बेटी राजनंदिनी बिछड़ गई। इससे परिजन घबरा गए और उन्होंने आसपास तलाश किया लेकिन बालिका का पता नहीं चला। इस दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात घट्टिया थाना प्रभारी करण खोवाल को बताया।
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इसके बाद टीआई खोवाल ने अपनी टीम के साथ बालिका की तलाश शुरू की और एक घंटे के अंदर राजनंदिनी को सुरक्षित ढूंढ निकाला। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बेटी को सही-सलामत देख परिजनों की आंखें छलक पड़ीं। उन्होंने पुलिस को धन्यवाद दिया और रवाना हो गए। इसी तरह दूसरी घटना में आगर जिले के ग्राम कबीरखेड़ा निवासी दुलाली अपनी पत्नी कृष्णाबाई और तीन साल की पोती अनन्या के साथ कार्तिक स्नान के लिए आए।
रामघाट पर अत्यधिक भीड़ के चलते दंपत्ति बिछड़ गए जिससे बालिका घबराकर रोने लेगा तभी वहां मौजूद टीआई खोवाल की नजर बच्ची पर पड़ी और उन्होंने उसके दादा-दादी को खोज निकाला व पोती अन्नया को उनके हवाले कर दिया। ड्यूटी के साथ मानवता का धर्म निभाने पर सीएसपी कोतवाली राहुल देशमुख ने घट्टिया थाना प्रभारी करण खोवाल एवं उनकी टीम प्रधान आरक्षक मनोज श्रीवास्तव, आरक्षक राकेश मालवीय, स्वरूप हिरवे, महिला आरक्षक हेमलता बैरागी तथा सैनिक मोहनदास बैरागी की प्रशंसा की।









