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अब एमपी अस्पताल प्रबंधन पर आपराधिक मुकदमा दर्ज, लाइसेंस पहले हो चुका निरस्त

उज्जैन। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक की मौत के बाद विवादों में घिरे फ्रीगंज स्थित एमपी अस्पताल के खिलाफ माधवनगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका है।

 

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करनावद (उन्हेल) निवासी प्रताप आंजना (पिता शंकरलाल आंजना) की मौत के मामले में यह एक्शन हुआ है। 22 अप्रैल की रात महामृत्युंजय द्वार के पास एक अज्ञात वाहन ने प्रताप और उसके साथी महेश आंजना को टक्कर मार दी थी। घायल प्रताप को एमपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में संसाधनों की कमी है और मरीज का इलाज ठीक से नहीं होने के कारण प्रताप की जान गई।

सीएमएचओ द्वारा गठित समिति ने मामले की बारीकी से जांच की तो कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं थीं। जैसे मरीज प्रताप आंजना की मौत सुबह 6.04 बजे दर्ज की गई थी। लेकिन मेडिकल फाइल में सुबह 6.30 और 7 बजे के बाद भी दवाइयां लिखी गई थीं। प्रबंधन इस तरह की गड़बड़ी का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड किया गया थ। टीआई गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि शासन की रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान जो भी नाम आधिकारिक तौर पर सामने आएंगे, उन्हें एफआईआर में नामजद आरोपी के रूप में जोड़ा जाएगा।

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