कार्तिक मेला की वसूली अटकी दो झूलों पर निगम की कार्रवाई

उज्जैन। कार्तिक मेला में लगे झूला संचालकों से नगर निगम रुपए नहीं वसूल पाई है। झूला संचालकों द्वारा नुकसान का हवाला देकर रुपए जमा नहीं करने से निगम अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल दो झूलों को नगर निगम ने खोलने से रोक दिया और अपने कब्जे में ले लिया है।
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कार्तिक मेले में दुकानें व झूलों के टेंडर ऑनलाइन देकर करोड़ों रुपए कमाने की दावा करने वाली नगर निगम को अब रिकवरी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। भुगतान की अवधि समाप्त होने के बावजूद दो झूले वालों ने नगर निगम का करीब लाखों रुपए जमा नहीं कराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, नगर निगम ने कड़ा रुख अपना लिया है। अफसरों ने तत्काल प्रभाव से मेले से झूले उखाड़कर ले जाने पर रोक लगा दी है। अब निगम की यह कार्रवाई बकाया राशि वसूलने के लिए इन झूलों को ज़ब्त करने के समान मानी जा रही है।निगम की भूमि आवंटन समिति ने पहले दावा किया था कि कार्तिक मेले से कुल 2 करोड़ 38 लाख की आय होगी। इस दावे सिर्फ 36 झूलों से 1 करोड़ ४६ लाख की आय होने की उम्मीद जताई गई थी। मेला समाप्त होने के बाद भी बड़ा भुगतान अटका है, तो निगम के गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या जानबूझकर वसूली नहीं की गई, या कोई और कारण है।
विवादों में था आवंटन
मेला आवंटन समिति की कारगुजारी विवादों में घिरी रही थी। निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों के निलंबन की बात भी कही थी। अब वसूली अटकने के बाद, एक बार फिर निगम की आवंटन व्यवस्था सवालों के घेरे में है। चलते मेले के बीच भी झूला संचालकों की मनमानी और अवैध झूलों को पार्षदों ने पकड़े थे।
निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि रुपए जमा नहीं करने पर नगर निगम ने दो झूला संचालकों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें मेला ग्राउंड से झूला खोलने से रोका है।










