प्रशासनिक टीम देखने निकली सिंहस्थ के काम, जावरा, गरोठ, आगर और मक्सी रोड पर पार्किंग स्थल देखे

मक्सी रोड की पार्किंग धतरावदा लाने पर विचार

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। दो साल बाद आने वाले सिंहस्थ की तैयारी में प्रशासन ने अब दिन-रात एक करना शुरू कर दिया है। मेला अधिकारी और संभागायुक्त आशीषसिंह सुबह से ही तैयारियों को परखने के लिए निकल पड़ते हैं। उनके साथ कलेक्टर रौशनकुमार सिंह और पूरी टीम भी जुट पड़ती है। दौरे की इस कड़ी में ही प्रशासनिक टीम ने मंगलवार को जावरा, गरोठ, आगर और मक्सी रोड पर सिंहस्थ की पार्किंग व्यवस्था देखी। बाकी रोड पर तो घाट तक जाने की व्यवस्था ठीक है लेकिन मक्सीरोड की पार्किंग परेशानी वाली हो सकती है। इस पर टीम ने विचार किया।
दरअसल, सोमवार को भी टीम ने सिंहस्थ की पार्किंग व्यवस्था का मुआयना किया था। जब देवास, इंदौर, उन्हेल, बडऩगर, बदनावर रोड देखे थे। मंगलवार को इसी कड़ी में जावरा, गरोठ, आगर और मक्सीरोड पर व्यवस्था देखी गई।
सिर्फ 2 किमी तक चलाने की प्लानिंग
जावरा, आगर-गरोठ रोड पर खिलचीपुर, गरोठ-आगर रोड जाइंट पर पार्किंग को सूटेबल माना गया। प्रशासन की कोशिश है कि वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को पार्किंग के बाद कम से कम चलना पड़ें। यह दूरी न्यूनतम २ और अधिकतम ५ किलोमीटर से अधिक नहीं हो। आगर रोड पर यह दोनों पाइंट ठीक हैं। यहां से सिद्धवट पुल, अंगारेश्वर घाट, मंगलनाथ घाट तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को अधिकतम २ से ३ किलेामीटर की दूरी तय करने होगी।
टीम तीनों रोड का मुआयना करने के बाद मक्सीरोड पहुंची। यहां श्री सिंथेटिक्स की खाली जमीन देखी गई। हर सिंहस्थ में मक्सी रोड से आने वाले वाहनों को यहां पार्क कराया जाता है। यहां से घाटों की दूरी न्यूनतम ६ से ८ किलोमीटर है। ऐसे में उनको परेशानी हो सकती है। अफसरों ने इसे देखते हुए लालपुर-धतरावदा के पास पार्किंग जे जाने की प्लानिंग बनाई है। यहां से श्रद्धालुओं को त्रिवेणी, प्रशांति घाट की तरफ भेजा जा सकता है। इस तरह उन्हें तीन से पांच किलोमीटर की दूरी ही तय करनी होगी। दौरे में यूडीए सीईओ संदीप सोनी और एमपीआईडीसी के ईडी राजेश राठौर भी उपस्थित थे।









