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महाकाल दर्शन के बाद परिजनों से बिछड़े रिटायर्ड प्रोफेसर, पुलिस ने फिर मिलवाया

बाइक पर वृद्ध को लेकर घूमते रहे एएसआई, एक घंटे बाद मिले परिजन

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान महाकाल के दर्शन के लिए बिहार से आए बुजुर्ग रविवार को परिजनों से बिछड़ गए जिन्हें महाकाल पुलिस ने सकुशल वापस मिलवाया। अपनों के बीच पहुंचकर वृद्ध की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तत्काल की गई पुलिस की इससे मदद के लिए धन्यवाद भी दिया।

दरअसल, बाबा महाकाल की नगरी में रोज हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं लेकिन कभी-कभी यह भीड़ किसी के लिए मुसीबत भी बन जाती है। ऐसा ही वाकया बिहार के दरभंगा से परिवार के साथ आए 78 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. शशिरंजन श्रीवास्तव के साथ हुआ। दर्शन करने के बाद बाहर आते वक्त वह परिजनों से बिछड़ गए। चारों ओर से रास्ते बंद और दर्शनार्थियों की जबर्दस्त भीड़ के बीच डॉ. श्रीवास्तव बेहद घबराए हुए थे। उनके पास मोबाइल तो था लेकिन किसी दुकान पर रखा था।

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आंखों में बेचैनी, चेहरे पर लाचारी और पैरों में थकान के बावजूद वह दो घंटे तक अपनों की तलाश में भटकते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद किसी ने उन्हें महाकाल थाने पहुंचा दिया। यहां टीआई गगन बादल के निर्देश पर एएसआई चंद्रभानसिंह चौहान और उनकी टीम ने ड्यूटी के साथ इंसानियत का फर्ज निभाते हुए उनसे परिजनों की जानकारी ली और उन्हें अपनी बाइक पर लेकर निकले। इसके दौरान एएसआई चौहान ने उन्हें नाश्ता भी करवाया। इसके बाद उन्हें लेकर मानसरोवर गेट पर पहुंचे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार डॉ. श्रीवास्तव के परिजन मिल गए। अपनों से मिलकर उनके चेहरे पर मुस्कान तैर गई। उन्होंने और परिजनों ने पुलिस को तत्परता के साथ की गई मदद के लिए धन्यवाद दिया।

पुलिस की अपील
महाकाल थाना पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जब भी परिवार के साथ खासकर बुजुर्गों या बच्चों के साथ मंदिर आएं तो उनके पास घर का पता, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र अवश्य हो। साथ ही भीड़भीड़ में उनका हाथ ना छोड़ें और अगर कोई गुम हो जाए तो तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दें।

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