बहू को भगाकर ले गया था मौसेरा भाई दे रहा था धमकी, परेशान होकर जान दी

उज्जैन। 10 जुलाई 2025 को फांसी लगाकर जान देने के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। मृतक ने मौसेरे भाई की प्रताडऩा से दु:खी होकर जान दी थी। मौसेरा भाई उसकी बहू (छोटे भाई की पत्नी) को भगा ले गया था। बाद में सार्वजनिक रूप से मानसिक प्रताडऩा भी देता था। माकड़ौन थाना प्रभारी प्रदीप राजपूत ने बताया कि 10 जुलाई को नांदेड़ के रामचरण ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।

जांच के दौरान सामने आया है कि रामचरण के छोटे भाई जीवन की पत्नी अनीता को गांव में रहने वाला भरत करीब डेढ़ वर्ष पहले भगाकर ले गया था। तभी से मौसेरे भाइयों में विवाद चला आ रहा था। भरत आए दिन अपने भाई देवराज व कमल के साथ मिलकर रामचरण व इसके दो भाई संतोष और जीवन के साथ मारपीट करता था।
रामचरण को जीवन ने कई बार सार्वजनिक रूप से और सामाजिक कार्यक्रमों में छींटाकशी भी की। इन घटनाओं से रामचरण बुरी तरह परेशान हो गया और उसने १० जुलाई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 जनवरी को भरत व उसकी पत्नी अनीता के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
विवाद के बाद फांसी
उज्जैन। शराब के नशे में पत्नी से विवाद होने के बाद एक ई-रिक्शा चालक ने फांसी लगाकार जान दे दी। घटना सोमवार देर रात करीब 11 बजे की है। मृतक सुमित पिता मदनलाल मीणा निवासी गिरिराज रतन की है। सुमित ई-रिक्शा चलाता है। सोमवार रात को उसने विवाद के बाद पत्नी और तीन बेटियों को पीट दिया। इस पर सुमित की पत्नी ने पास ही रहने वाले जेठ किशोर को बुला लिया। मामला शांत करने करने के लिए किशोर सुमित की पत्नी और तीनों बेटियों को साथ ले गया। उसने डायल ११२ पर फोन कर पुलिस भी बुला ली। पुलिस वाहन के मौके पर पहुंचने के पहले सुमित ने खुद को घर में बंद कर फांसी लगा ली। चिमनगंज पुलिस ने मंगलवार सुबह उसका पोस्टमार्टम करवाया।









