कैदी को जेल में आया अटैक, मौत

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में पॉक्सों एक्ट में 20 साल की सजा काट रहे कैदी की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी। अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। जेल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने का अनुरोध किया है।
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जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि बंदी झांगा उर्फ झांगू (37 वर्ष), निवासी बदनावर (जिला धार), बैरक नंबर 4/1 में निरुद्ध था। रविवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उसने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। जेल चिकित्सक के परामर्श पर उसे तत्काल जेल वाहन और सुरक्षा गार्ड के साथ जिला चिकित्सालय भेजा गया। अस्पताल पहुंचने के कुछ ही समय बाद, सुबह लगभग 11 बजे ड्यूटी पर तैनात प्रहरी अमित शर्मा ने फोन पर सूचना दी कि उपचार के दौरान बंदी की मृत्यु हो गई है।
पाक्सो एक्ट में हुई थी सजा
मृतक बंदी झांगा को अपर सत्र न्यायाधीश बदनावर द्वारा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(के)/06 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 5000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई दी। वह 16 नवंबर 2025 को सब जेल बदनावर से स्थानांतरण होकर उज्जैन केंद्रीय जेल आया था। मृत्यु की तिथि तक वह 7 माह 17 दिन की सजा काट चुका था।
न्यायिक जांच और वैधानिक कार्रवाई
बंदी की मृत्यु की सूचना तत्काल जिला दंडाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मानवाधिकार आयोग (भोपाल व दिल्ली) और मृतक के परिजनों को भेज दी गई है। भैरवगढ़ थाने में मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया गया है।









