कृषि मंडी में तौल कांटे से किसान के साथ धोखाधड़ी, 84 किलो वजन कम निकला

मंडी सचिव ने डायरेक्टर को पत्र लिखा, एफआईआर के निर्देश

उज्जैन। चिमनगंज स्थित कृषि उपज मंडी में किसान से गेहूं खरीद के दौरान फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (एफपीओ) द्वारा वजन में गड़बड़ी कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। किसान ने संस्था के तौल कांटे पर चार बोरी गेहूं तुलवाया जिसका वजह 300 किलो निकला। संदेह होने पर किसान ने दूसरे कांटे पर वजन कराया तो 384 किलो निकला। इस तरह संस्था 84 किलो (प्रति बोरी 21 किलो) की डंडी मार रही थी। शिकायत के बाद संबंधित कांटा जब्त कर लिया गया है और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं मंडी सचिव ने कार्रवाई के लिए डायरेक्टर को पत्र लिखा है।दरअसल, ताजपुर निवासी इदरीश खान बुधवार शाम गेहूं की फसल ट्रैक्टर-ट्रॉली से लेकर चिमनगंज स्थित कृषि उपज मंडी पहुंचा था। उन्होंने अपनी फसल कट्टप्पा तूफान फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को बेच दी। आरोप है कि कंपनी ने मंडी परिसर के बाहर लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित गोदाम पर वजन करवाने और माल रखने को कहा। खान के अनुसार पहले 10 किलो का बाट रखकर कांटे को सही बताया गया। करीब चार बोरी गेहूं तोलने के बाद उन्हें शक हुआ क्योंकि एक बोरी में सामान्यत: करीब 96 किलो वजन आता है, जबकि कांटे पर लगभग 20 किलो कम दर्शाया जा रहा था।
इस पर इदरीश खान ने फसल बेचने से मना कर दिया। इसके बाद दूसरा तौल कांटा लाया गया और पहले से तौले गए माल का पुन: वजन किया गया जिसमें 84 किलो का अंतर सामने आया। खान ने बताया उन्होंने कांटे पर स्वयं खड़े होकर जांच की तो अलग-अलग स्थान पर खड़े होने पर 20 से 22 किलो तक का अंतर दिखा। इसका वीडियो बनाकर मंडी अधिकारियों को सौंपा है। मामले की शिकायत मंडी सचिव राजेश गोयल को की गई। विवादित तौल कांटे को जब्त कर संबंधित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की है।









