शहर में डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक खेल

बुजुर्ग दंपति को बनाया बंधक… 1.15 करोड़ की गाढ़ी कमाई डकारी
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अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। शहर में शातिर साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का मायाजाल बुनकर एक बुजुर्ग दंपति को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। खुद को एटीएस अधिकारी बताकर ठगों ने न केवल बुजुर्गों को मानसिक रूप से प्रताडि़त किया, बल्कि उनके बैंक खातों से 1 करोड़ 15 लाख रुपए पार कर दिए। इस घटना ने शहर के पॉश इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा और साइबर जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हीरानगर थाना क्षेत्र के बजरंग नगर निवासी 80 वर्षीय विजय सक्सेना और उनकी 77 वर्षीय पत्नी सुमन सक्सेना को एक अज्ञात वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपनी पहचान पुणे एटीएस मुख्यालय के अधिकारी ‘चंद्रभान सिंह’ के रूप में दी। ठग ने बेहद शातिर तरीके से सुमन सक्सेना को डराया कि जम्मू के एक बैंक खाते से उनके नाम पर 70 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है, जिसका सीधा संबंध ‘आतंकवाद’ से है।
तबीयत बिगड़ी… तब खुला राज
इस मानसिक प्रताडऩा और भारी भरकम रकम खोने के सदमे से विजय सक्सेना की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जब उनकी पत्नी ने हिम्मत जुटाकर अपने दामाद को पूरी आपबीती सुनाई, तब जाकर ठगी का एहसास हुआ। मामले की शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच में की गई और गहन जांच के बाद अब हीरानगर थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब उन बैंक खातों को ट्रेस कर रही है जिनमें यह बड़ी राशि ट्रांसफर की गई है। प्रशासन ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कदम नहीं उठाती, ऐसे कॉल्स आने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
आरोपियों ने दंपति को डराने के लिए घंटों वीडियो कॉल पर बैठे रहने को मजबूर किया। इसे ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है, जिसमें अपराधी पीडि़त को वीडियो कॉल के जरिए अपनी नजरों के सामने रखते हैं ताकि वे किसी और से संपर्क न कर सकें। ठगों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उनकी पूरी संपत्ति जब्त होगी और उनके बच्चों को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। लगातार मानसिक दबाव और गिरफ्तारी के डर से बुजुर्ग दंपति टूट गए।
ठगों ने उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवा लिए। इसके बाद सुरक्षित जांच का झांसा देकर दो अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने को कहा। महिला ने अपने खाते से 49.70 लाख रुपए और उनके पति ने 65.30 लाख रुपये एनईएफटी के जरिए ठगों के बताए खातों में भेज दिए। शातिर ठगों ने यह भी पट्टी पढ़ाई कि यदि बैंक में कोई पूछे, तो कहना कि यह पैसा ‘बेटियों’ को भेजा जा रहा है।









