रामघाट पर डूब रहा था हरियाणा का युवक, बचाया

घाटों और सीढिय़ों पर जमी काई के कारण फिसलते हैं श्रद्धालु
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उज्जैन। शिप्रा में स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के साथ हादसे होना बदस्तूर जारी है। घाट और सीढिय़ों पर जमी काई के कारण श्रद्धालु फिसलकर गहरे पानी में चले जाते हैं। कई बार वहां तैनात जवान और तैराक श्रद्धालुओं को बचा लेते हैं लेकिन कई बार श्रद्धालुओं की मौत भी हो जाती है। शनिवार सुबह भी ऐसा ही हादसा रामघाट पर हुआ। जहां हरियाणा से परिवार के साथ आया युवक स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा जिसे होमगार्ड-एसडीईआरएफ जवान और मां शिप्रा तैराक दल के तैराकों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रामघाट पर होमगार्ड के तैराक प्रभारी ईश्वर चौधरी और मां शिप्रा तैराक दल के सचिव संतोष सोलंकी ने बताया कि हरियाणा का रहने वाला 23वर्षीय अंकित पिता राजेंद्र सैनी परिवार के साथ महाकाल दर्शन करने के लिए उज्जैन आया था। शनिवार सुबह करीब 10 बजे वह परिवार के साथ रामघाट पर स्नान कर रहा था तभी गहराई का अंदाजा नहीं होने से वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे छटपटाता देख परिवार के सदस्य मदद के लिए चिल्लाए जिसके बाद वहां मौजूद होमगार्ड-एसडीईआरएफ जवान राहुल मंगलेश्वरी, संतोष सोलंकी और मां शिप्रा तैराक दल के रूपसिंह कहार और तेजा कहार ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाई और अंकित सैनी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद परिजनों ने जवानों व तैराकों को धन्यवाद दिया।
लापरवाही बनती है हादसों का सबब
इन दिनों शिप्रा का जलस्तर काफी कम है जिससे अमूमन पानी में डूबी रहने वाली सीढिय़ां दिखाई देने लगी हैं और उस पर जमी काई के कारण श्रद्धालु फिसलते हैं और गहरे पानी में चले जाते हैं। पहले भी इस वजह से श्रद्धालु चोटिल होते रहे हैं तो कई की जान भी जा चुकी है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं देते और इस तरह से श्रद्धालु हादसे का शिकार होते हैं।










