बेगमबाग में फिर चली पोकलेन, मंदिर मार्ग की 16 इमारतें गिराईं

सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही एक्शन शुरू, महाकाल लोक के आसपास का इलाका लगभग साफ
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के समीप बेगमबाग में मंगलवार को एक बार फिर पोकलेन चली। पोकलेन के पंजों ने यहां बनी अवैध इमारतों को जमींदोज कर दिया। मंगलवार को 16 बिल्डिंगों को गिराया गया है। इसके पहले 42 भवन तोड़े जा चुके हैं। इस कार्रवाई से महाकाल लोक व मंदिर जाने के मुख्य मार्ग (नीलकंठ द्वार) के आसपास का इलाका काफी हद तक साफ हो गया है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) की बेशकीमती भूमि पर किए गए अवैध व्यावसायिक निर्माणों को ढहाने की यह बड़ी कार्रवाई है। सुबह लोगों के जागने के पहले ही भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया था। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आधा दर्जन पोकलेन और बुलडोजर मशीनों की मदद से 16 अवैध बिल्डिंगों को जमींदोज किया गया।
दोपहर तक तोडफ़ोड़ की कार्रवाई जारी थी। कार्रवाई में आधा दर्जन से अधिक पोकलेन और बुलडोजर मशीनों का उपयोग किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की है। मौके पर एडीएम एलएन गर्ग, यूडीए सीईओ संदीप सोनी सहित प्रशासन व पुलिस के अधिक अधिकारी मौजूद थे। नगर निगम कर्मियों की टीम के 40 से अधिक कर्मचारी अभियान के दौरान सफाई में जुटे थे।
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कानूनी दांव-पेच में उलझा है मामला
यह कार्रवाई लंबे समय से कानूनी दांव-पेंच में फंसी हुई थी। कब्जाधारियों ने निचली अदालत से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सभी स्तरों से स्टे (स्थगन आदेश) समाप्त होने के बाद प्रशासन ने यह निर्णायक कदम उठाया। महाकाल मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार नीलकंठ द्वार के पास से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की गई है।
आवासीय भूखंडों पर तान दिए थे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स
जांच में सामने आया कि उज्जैन विकास प्राधिकरण के आवंटित 45 आवासीय भूखंडों पर नियम विरुद्ध तरीके से 90 हिस्से कर दिए गए थे। इन भूखंडों पर आवासीय अनुमति होने के बावजूद व्यावसायिक निर्माण कर लिए गए थे, जो पूरी तरह अवैध थे। यहां पहले भी करीब 4-5 बार में 42 अवैध बिल्डिंगों को तोड़ा जा चुका है।









