हरिफाटक ब्रिज कर रहे फोर लेन काम देखने पहुंचे अधिकारी…

समय सीमा और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ के पहले हरिफाटक ब्रिज का फोर लेन होना क्षेत्र का कायाकल्प कर देगा। इसका काम शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह मंगलवार को संभागायुक्त (सिंहस्थ मेला अधिकारी) आशीष सिंह एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने हरिफाटक ओवरब्रिज सहित शहर के महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंहस्थ के अंतर्गत चल रहे सभी कार्यों में समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए निर्माण की गति बढ़ाई जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हरिफाटक ओवर ब्रिज के चौड़ीकरण कार्य की प्रगति देखी। यह ब्रिज इंदौर-उज्जैन 6 लेन मार्ग, गऊघाट, आगर मार्ग और महाकाल मंदिर जाने वाले रास्तों को जोडऩे वाला एक प्रमुख जंक्शन है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद यहाँ बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इसका चौड़ीकरण अनिवार्य हो गया है। परियोजना के तहत मुख्य भुजा को 4 लेन किया जाएगा जिसकी लंबाई 980 मीटर होगी और यह बेगमबाग होते हुए नीलकंठ द्वार के समीप समाप्त होगी। साथ ही त्रिवेणी संग्रहालय की ओर एक अतिरिक्त टू-लेन भुजा का निर्माण भी किया जाएगा जिससे पूरा मार्ग फोरलेन में परिवर्तित हो जाएगा।
स्कूल भवन की शिफ्टिंग और निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश
चौड़ीकरण कार्य के दौरान मार्ग में आने वाले शासकीय उर्दू प्राथमिक विद्यालय को लेकर संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि ब्रिज के नीचे ही स्थित शासकीय उर्दू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के परिसर में नवीन कक्ष बनाकर प्राथमिक विद्यालय को वहां शिफ्ट किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण एजेंसी के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहकर कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करें ताकि समय और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सकें।
बारिश से पहले नाली और पाइपलाइन का काम पूरा करें
शहर के भीतर कंठाल चौराहा से छत्री चौक और बियावानी से तेलीवाड़ा तक चल रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्यों का भी अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया। संभागायुक्त श्री सिंह ने सख्त लहजे में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले नाली निर्माण और पेयजल पाइपलाइन जोडऩे का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इससे बारिश के दौरान निर्माण स्थलों पर जल जमाव की स्थिति पैदा नहीं होगी और आम जनता को असुविधा से बचाया जा सकेगा। बियावानी क्षेत्र में उन्होंने निर्देश दिए कि मार्ग के दोनों ओर ड्रेनेज का कार्य एक साथ किया जाए ताकि रहवासियों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।









