किनारे हटाने पर सिक्योरिटी गार्ड से अभद्रता, साध्वी ने खुद पर पेट्रोल डाला

गढ़कालिका मंदिर में किन्नर अखाड़े की निष्कासित महामंडलेश्वर का मंदिर प्रबंधन से विवाद
उज्जैन। मां गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर आरती के दौरान हंगामा हो गया। किन्नर अखाड़ा तेलंगाना की पूर्व महामंडलेश्वर काली नंद गिरी को आरती के दौरान हटाने से पुजारियों व सुरक्षाकर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस बीच काली नंद गिरी ने कार से पेट्रोल निकाल लिया और खुद पर डालकर आत्मदाह की कोशिश की। मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें आग लगाने से पहले रोक लिया । मामला थाने तक पहुंचा और बाद में समझौता हो गया।
बताया जाता है कि मंदिर की दोपहर की आरती के समय यह वाक्या हुआ। वीक एंड के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। सुरक्षाकर्मी व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसी के तहत उन्होंने काली नंद गिरी को प्रतिमा के सामने से हटकर किनारे खड़े होने का अनुरोध किया था ताकि अन्य श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं आए। इस बात पर वह नाराज हो गईं और विवाद बढ़ गया। उनका आरोप है कि आरती के दौरान उन्हें अपमानित कर मंदिर से हटने और बाहर जाने का कहा गया। आक्रोशित होकर वह मंदिर प्रशासन से माफी की मांग पर अड़ गईं।
कार से पेट्रोल निकाला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहस बढऩे पर काली नंद गिरी गुस्से में मंदिर से बाहर निकली और कार से पेट्रोल निकालकर एक बोतल में लेकर फिर से परिसर में पहुंचीं। उन्होंने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। यह देख श्रृद्धालुओं में घबराहट फैल गई। सुरक्षाकर्मियों और लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए उन्हें रोका। इस दौरान मंदिर का एक गेट बंद करना पड़ा, जबकि दूसरे गेट से दर्शन व्यवस्था चालू रही।
थाने में हुआ समझौता
जीवाजीगंज सीएसपी पुष्पा प्रजापति थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। सीएसपी ने बताया कि गलतफहमी की वजह से विवाद हुआ था। थाने में दोनों पक्षों को बीच सौहाद्रपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई और दोनों ही पक्षों ने समझौता कर लिया। समझौते के बाद काली नंद गिरी को गढ़कालिका मंदिर ले जाया गया और उन्होंने सुविधानुसार फिर से दर्शन किए। गढ़कालिका की शासकीय पुजारी करिश्मानाथ ने बताया कि अभी वह व्यस्त हैं, इस संबंध में बाद में बात करेंगी।









