Popup Image
Advertisement

महाकाल मंदिर में ‘पुष्पा’ के गेटअप में VIP एंट्री का VIDEO वायरल, कार्रवाई में सुपरवाइजर हटाया गया

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में एक युवक अभिनेता अल्लू अर्जुन के अंदाज में साड़ी-ब्लाउज पहनकर दर्शन करने पहुंचा। युवक के पैरों में पायल, गले में नींबू की माला और हार, कानों में टॉप्स, नाक में नथनी और हाथों में चूड़ियां थीं। मंदिर में उसके प्रवेश और विशेष सुविधा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामले के सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन ने संबंधित सुपरवाइजर को हटा दिया है।

Advertisement

वायरल वीडियो के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों और मंदिर समिति के कर्मचारियों ने युवक को नहीं रोका। इतना ही नहीं, कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जबकि मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पहले से प्रतिबंध है।

विशेष सुविधा के साथ कराया गया दर्शन

बताया जा रहा है कि युवक को सामान्य श्रद्धालुओं की तरह नहीं, बल्कि विशेष सुविधा के साथ मंदिर में प्रवेश दिया गया। वायरल वीडियो में वह मंदिर के विभिन्न हिस्सों में घूमता दिखाई दे रहा है। मंदिर का एक कर्मचारी उसे विशेष श्रद्धालु की तरह गणेश मंडपम तक दर्शन कराने ले गया।

Advertisement

मंदिर परिसर में बनाए वीडियो

युवक ने मंदिर परिसर के भीतर कई वीडियो भी बनाए। जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर वीडियो बनाने या तस्वीरें लेने की अनुमति नहीं होती। महाकाल मंदिर में मोबाइल और फोटोग्राफी को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं।

वायरल वीडियो में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी भी युवक के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं, जिससे सुरक्षा और नियमों के पालन पर सवाल उठे हैं।

Advertisement

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

जानकारी के अनुसार, वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ‘अंकित अस्तोलिया’ नाम की पहचान से साझा किए गए हैं। संबंधित सामाजिक माध्यम खाते पर इसी वेशभूषा में बनाए गए कई अन्य वीडियो भी मौजूद बताए जा रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई।

जांच के बाद सुपरवाइजर हटाया गया

महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि वायरल वीडियो 5 फरवरी का है। वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच की गई थी और संबंधित सुपरवाइजर को पद से हटा दिया गया था।

उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में किसी व्यक्ति को विशेष अनुमति देना तथा फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी की अनुमति मिलना निर्धारित व्यवस्था और मंदिर की मर्यादा के विपरीत है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें