ट्रंप की ईरान को चेतावनी, कहा- मौका गंवाया तो अब चुकानी होगी कीमत; पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत पर कड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि ईरान की सेना पूरी तरह अव्यवस्थित और बिखरी हुई है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग अस्तित्व में नहीं हैं और उनका अधिकांश सैन्य ढांचा पूरी तरह पराजित हो चुका है। उन्होंने कहा, “ईरान केवल बातें करता है, कार्रवाई नहीं। पश्चिम एशिया का दबंग अब खत्म हो चुका है।”
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान ने अपने लिए लाभकारी संभावित समझौते पर बातचीत में देरी की है और अब उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे।
अमेरिका-ईरान तनाव के बढ़ने के कारण
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तब और बढ़ गया, जब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इससे क्षेत्र में सैन्य टकराव की आशंकाएं बढ़ गईं।
इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिरने की घटनाओं के बाद ईरानी ठिकानों पर आत्मरक्षा के हमले किए थे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि कोई भी हमला या धमकी बिना जवाब नहीं छोड़ी जाएगी।
तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन का इस्राइल पर आरोप
तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इस्राइल के सीरिया और लेबनान पर हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस्राइली आक्रामकता पूरे क्षेत्र और मानवता के लिए खतरा बन चुकी है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
एर्दोगन ने चेतावनी दी कि अगर इस्राइल की बर्बरता को नहीं रोका गया, तो इसके परिणाम पूरे क्षेत्र और दुनिया को भुगतने होंगे। उन्होंने इसे मानवता और इतिहास की रक्षा का कर्तव्य बताया और दोहराव से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस प्रकार, पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ता दिख रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय नेता इस पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं।









