सीवरेज प्रोजेक्ट : बिजली का कटा तार जमीन में दबाया, करंट की चपेट में आई तीन गाय…एक की मौत

एक की मौत, दो बचीं
अक्षरविश्व न्यूजउज्जैन। मक्सी-आगर बायपास (एमआर-५) पर सीवरेज प्रोजेक्ट के लिए डीपी से लाइन लेकर खुला तार जमीन में दबा देने से से रविवार को तीन गायें करंट की चपेट में आ गईं। एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी झटका लगने के बाद भाग गई, तीसरी झटका लगने के बाद कुछ देर तक पड़ी रही, लेकिन बाद में चली गई। आक्रोशित लोगों ने चिमनगंज पुलिस और निगमायुक्त को घटना की जानकारी दी और ठेकेदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
दरअसल,नक्षत्र गार्डन के पास की कॉलोनियों में सीवरेज प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। सडक़ की खुदाई में हैमर का प्रयोग करने के लिए ठेका कंपनी एनपी पटेल ने डीपी से बिजली कनेक्शन ले रखा है। इस कनेक्शन के तार जमीन पर दबाए गए हैं। आरोप है कि बिजली कनेक्शन के तार कटे हुए हैं और बारिश में जमीन गीली होने से करंट फैल रहा है।
सुबह घास चरते समय तीन गायों को एक के बाद एक झटका लगा। करंट लगते से एक गाय तो वही गिर गई, जबकि दूसरी भाग निकली, पीछे आ रही तीसरी गाय चपेट में आई लेकिन गिरने के बाद वह उठकर चली गई। निवासी कुंदन मोदे ने बताया कि घटना से लोग आक्रोशित हो गए और तत्काल इसकी सूचना चिमनगंज थाने और निगमायुक्त को दी। मोरे का आरोप है कि ठेकेदार ने कटे तार को जमीन के भीतर दबा दिया है। अभी बारिश का दौर जारी है, ऐसे में जमीन गीली हो गई है। ऐसे में करंट जमीन पर फैल रहा है। गाय इस वजह से करंट की चपेट में आई।
रहवासियों ने यह सवाल भी उठाए
काम खत्म होने के बाद बिजली कनेक्शन क्यों नहीं हटाया?
साइट पर कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग क्यों नहीं लगाई ?
कटे तार पर टेपिंग क्यों नहीं की? जब तार कटा था तो इसे जमीन के भीतर क्यों दबाया?
क्षेत्र के रहवासी विनय मेहता ने बताया कि विद्युत लाइन सीधे डीपी से जुड़ी थी। कटे तार जमीन में दबे थे। मिट्टी गीली होने से करंट फैल गया। यह आठ कॉलोनियों में जाने का मुख्य मार्ग है। सैकड़ों लोग इसी सडक़ से गुजरते हैं। खासकर बच्चे भी इधर खेलते रहते हैं। ऐसे में यदि उन्हें करंट लग जाता तो कौन जिम्मेदार होता।
फलहाल इस संबंध में आधिकारिक बयान नहीं मिला है।









