70 लाख रुपए से बढ़ाएंगे चरक अस्पताल में सुविधाएं

एनक्यूएएस मूल्यांकन में श्रेष्ठ सिद्ध होने पर प्रति बेड 10 हजार रुपए के हिसाब से मिल रही है राशि
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) के मूल्यांकन में 91.5 प्रतिशत अंक प्राप्त होने पर चरक अस्पताल को 70 लाख रुपए मिलेंगे। इन रुपयों से अस्पताल प्रशासन ने अस्पताल की दशा सुधारने का मन बनाया है। इस राशि से ड्रेनेज लीकेज सहित अन्य सिविल वर्क होंगे, असामाजिक तत्वों पर निगाह रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे बढ़ाएंगे। ओपीडी में टोकन सिस्टम लागू करने और भर्ती मरीजों के लिए ऑनलाइन पास बनाने की सुविधा बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
री-सर्टिफिकेशन के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने तीन दिवसीय मूल्यांकन 22, 23, 24 जून को किया था। जिसमें चरक अस्पताल को 91.50 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। निरीक्षण के दौरान एनक्यूएएस और एनएचआरसी की टीम को परिसर में गंदगी, सीढिय़ों पर शराब की बोतलें और सेप्टिक टैंक से रिसाव जैसी अनियमिताएं भी दिखीं थी। निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने रात को ही अस्पताल का दौरा किया और नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए थे।
मापदंड में कमी आई तो राशि मिलना बंद हो जाएगी: इस सर्टिफिकेट के मिलने के बाद विकास के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रति बिस्तर 10 हजार रुपए के मान से 700 बेड वाले चरक अस्पताल को 70 लाख दिए जाएंगे। इसमें 75 प्रतिशत राशि अस्पताल के विकास तथा 25 प्रतिशत राशि स्टाफ वेलफेयर के लिए है। अस्पतालों को 3 साल तक के लिए राशि दी जाती है। इसके बाद दोबारा मापदंडों को पूरा करने की प्रक्रिया से गुजरना होता है। इस बीच यदि मापदंड में कमी आई तो विकास के लिए दी जाने वाली राशि बंद कर दी जाएगी।
सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया ने बताया अस्पताल आम जनता के लिए है और यहां सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। इसमें खर्च होगा परंतु आय बढ़ाने के लिए सुविधाओं पर शुल्क नहीं लगा सकते हैं। शासन से राशि मिलने पर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह से मार्गदर्शन लेकर उसे अस्पताल के लिए ही खर्च किया जाएगा।
अगला निरीक्षण 2029 में होगा
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाले इलाज की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एनक्यूएएस और एनएचआरसी की टीम द्वारा हर तीन साल में निरीक्षण किया जाता है। अगला निरीक्षण 2029 में होगा।
१८ विभागों में चैक की थी क्वालिटी: अस्पताल प्रबंधक हिमांगी चौहान ने बताया निरीक्षण में अस्पताल के सभी 18 विभागों का काम देखा, रिकार्ड चैक किया, अस्पताल के अलग-अलग क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा मरीजों और स्टाफ से बातचीत की। उन्होंने बताया अस्पताल में सुधार के लिए मरीजों से पेशेंट सेटिस्फेक्शन फार्म भरवाते हैं जिसमें अस्पताल की कमियों के बारे में भी बताते हैं। समस्या दिखने पर उसके निराकरण के लिए काम करते हैं। कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर कमियां दूर की। इसका अच्छा परिणाम मिला है।
किस विभाग को कितने प्रतिशत अंक मिले मूल्यांकन में पोषण पुनर्वास के ९५.५४, ऑपरेशन थिएटर को ९४.९९, रेडियोलॉजी को
९४.८८, प्रसवोत्तर युनिट को ९४.८२, मायनर ओटी को ९४.७९ प्रतिशत अंक मिले। मूल्यांकन में मरीज संतुष्टि का स्तर 92 प्रतिशत रहा। सिविल सर्जन डॉ. पलसानिया ने इस सफलता का श्रेय टीम को दिया।









