इंदौर में नीट छात्रा की मौत, बहन ने बताई वजह

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही एक 22 वर्षीय छात्रा की तीसरी मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना गुरुवार, 18 जून 2026 की देर रात भंवरकुआं थाना क्षेत्र के अंतर्गत धाकड़ कॉलोनी की है। गंभीर रूप से घायल छात्रा ने शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है, जो धार जिले की मूल निवासी थी। परिजनों के अनुसार, हाल ही में नीट परीक्षा रद्द होने के बाद से वह अत्यधिक मानसिक तनाव से गुजर रही थी।

परीक्षा रद्द होने से व्यथित थी छात्रा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अवंतिका इंदौर में अपनी बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ एक निजी इमारत की पहली मंजिल पर रह रही थी। उसकी बहन ने बताया कि अवंतिका पूर्व में 3 बार नीट की परीक्षा में सम्मिलित हुई थी, परंतु उसे सफलता नहीं मिली थी। इस वर्ष उसकी परीक्षा अच्छी गई थी, लेकिन देशव्यापी स्तर पर परीक्षा रद्द होने के निर्णय के बाद से वह गहरे अवसाद में चली गई थी। गुरुवार को वह दिनभर शांत थी और परिजनों से बहुत कम बातचीत कर रही थी।
घटनाक्रम और चिकित्सालय में उपचार
गुरुवार रात लगभग 11:30 बजे अवंतिका अपने मोबाइल फोन पर अपनी चचेरी बहन नैना से बात कर रही थी। बातचीत के दौरान ही वह सीढ़ियों से होते हुए तीसरी मंजिल की छत पर चली गई, जहां से वह अचानक नीचे आ गिरी। गिरने की तीव्र आवाज सुनकर स्थानीय निवासी और अपार्टमेंट के लोग बाहर आए और तुरंत पुलिस व एम्बुलेंस को सूचित किया।
अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य, जो खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं और हाल ही में इंदौर आए थे, उस समय फ्लैट के भीतर ही मौजूद थे। वे घायल अवंतिका को तत्काल निजी जूपिटर अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे महाराजा यशवंतराव (एमवाय) चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह करीब 5:00 बजे उपचार के दौरान अवंतिका की मृत्यु हो गई।
पूर्व में भी किया था आत्मघाती प्रयास
मृतका के चचेरे भाई धन सिंह ने बताया कि अवंतिका ने इससे पहले जनवरी माह में भी फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। लगातार असफलताओं के कारण परिवार ने उसे आगे ड्रॉप लेने से मना कर दिया था और इस वर्ष उसका दाखिला खरगोन के एक फार्मेसी कॉलेज में करवा दिया गया था। इसके बावजूद अवंतिका का एकमात्र सपना एमबीबीएस (MBBS) करने का ही था और वह इसके लिए एक और प्रयास करना चाहती थी।
कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस
भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को घटनास्थल के पास लगे कैमरों से एक फुटेज प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, मृतका के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड (सीडीआर) और घटनास्थल की परिस्थितियों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जा रहा है। राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएल) की तकनीकी टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह घटना एक हादसा थी या आत्महत्या।









