भाजपा प्रदेश कार्यसमिति : सीएम के भरोसेमंदों की एंट्री, बाकी बाहर

उज्जैन। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बने हेमंत खंडेलवाल ने अपनी प्रदेश कार्यसमिति घोषित कर दी है। इसमें उज्जैन से छह लोगों को जगह मिली है। यह सभी सीएम डॉ. मोहन यादव के भरोसेमंद हैं। उज्जैन दक्षिण से टिकट की दावेदारी करने वाले प्रदीप पांडे और इकबाल सिंह गांधी को बाहर कर दिया गया है। श्याम बंसल भी हटाए गए हैं।

करीब एक साल पहले हेमंत खंडेलवाल प्रदेशाध्यक्ष बने थे, मनोनयन के करीब छह महीने बाद उन्होंने पदाधिकारी बनाए थे और अब प्रदेश कार्यसमिति बनाई है। इसमें सिंंधी समाज से आने वाले वासुदेव केसवानी को सदस्य बनाया गया है। पूर्व सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया, पूर्व यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल स्थायी आमंत्रित, जबकि धनंजय शर्मा, विवेक जोशी और डॉ. प्रभुलाल जाटवा विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। अब तक समिति में शामिल रहे प्रदीप पांडे, इकबालसिंह गांधी और श्याम बंसल को ड्रॉप किया गया है। पांडे जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष, गांधी नगर भाजपा अध्यक्ष और बंसल जिला भाजपा अध्यक्ष और यूडीए अध्यक्ष रह चुके हैं। गांधी और पांडे का नाम हर विधानसभा चुनाव में उज्जैन दक्षिण विधानसभा से दावेदार के तौर पर सामने आता है। हालांकि, टिकट अब तक दोनों को नहीं मिला है।
भाजपा की राजनीति में डॉ. जटिया को सीएम डॉ. मोहन यादव का मार्गदर्शक माना जाता है, जबकि अग्रवाल की स्थिति ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर की है। वे अच्छे संगठनकर्ता और सही को सही और गलत को गलत बोलने वाले माने जाते हैं। डॉ. जाटवा सीएम के यूडीए में सहयोगी रह चुके हैं। शर्मा और जोशी भी उनके ही माने जाते हैं।
क्या है प्रदेश कार्यसमिति में होने की भूमिका
भाजपा की राजनीति में संगठन सबसे ऊपर होता है, ऐसे में प्रदेश कार्यसमिति में होना ही बड़ी बात मानी जाती है। इसमें भी स्थायी आमंत्रित सदस्य पॉवरफुल होते हैं। हर मौके और मीटिंग में उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस हिसाब से डॉ. जटिया और अग्रवाल की पोजिशन अच्छी है।









