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7 माह के बच्चे की संदिग्ध मौत डॉक्टर बोले- शरीर में था जहर

कीटनाशक की गैस के जहर से घटना की जताई आशंका

 

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। एक ७ माह के बच्चे की संदिग्ध स्थिति में मौत होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डॉक्टर का कहना है कि शरीर में जहर के अंश पहुंचने से तबीयत बिगड़ी थी और इसी कारण मौत हुई। घटना से परिजन भी अचंभित है। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। रिपोर्ट आने के बाद भी मामला साफ हो सकेगा।

नानाखेड़ा पुलिस के मुताबिक ग्राम सिकंदरी निवासी गोपाल राठौर का सात माह का बेटा बुधवार को घर में सोते वक्त पलंग से गिर गया था। जब सार्थक के पलंग से गिरने की आवाज आई तो सभी अंदर गए तो सार्थक अचेत अवस्था में मिला। उसे तुरंत जेके नर्सिंग होम ले जाया गया। जहां पर इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह सार्थक की मौत हो गई। सार्थक का इलाज करने वाले डॉक्टर अंशुल सिरोलिया ने पुलिस को बताया कि बच्चे की तबीयत शहर में जहर पहुंचने के कारण बिगड़ी थी और मौत भी जहर की वजह से हुई है।

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बच्चे को कोई जहर क्यों देगा…

पुलिस को सार्थक के दादा विक्रम व परिजनों ने बताया कि बच्चे को कोई जहर क्यों देगा? ऐसे में पुलिस को शंका है कि घटना के वक्त घर में रखी कीटनाशक की गैस बच्चे तक पहुंची है या फिर असावधानीवश परिवार के किसी सदस्य का हाथ बच्चे को लगा है। जिससे उस तक जहर पहुंचा और बच्चे की मौत हो गई।

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दो महीने पहले भी हो चुकी है ऐसी ही घटना

गेहूं में रखे कीटनाशक से बनी गैस से दो बच्चों की मौत हो घटना १६ अप्रैल को हो चुकी है। यह हादसा नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी हिल्स(महावीर बाग) में लालचंद प्रजापत के घर हुआ था। जिसमेें बड़ी बेटी पूजा निवासी शाजापुर और छोटी बेटी रीना निवासी कायथा ने अपने बच्चों ४ साल की अनिका और डेढ़ वर्ष की त्रिशा को खोया था। गर्मियों की छुट्टियां बिताने दोनों बहनें बच्चों के साथ मायके आई थीं। घटना की रात सभी कमरे में सोए थे। सुबह बच्चे अचेत मिले और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

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