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एयरलिफ्ट हुई जिनी ने ICU से निकलते ही पूछा, FIR क्यों नहीं?

मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए गैस पाइपलाइन हादसे में गंभीर रूप से झुलसीं मशहूर कंटेंट क्रिएटर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला को हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद एयरलिफ्ट कर अहमदाबाद ले जाया गया है। अहमदाबाद के जाइडस हॉस्पिटल में अब उनका आगे का एडवांस इलाज चलेगा। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कम से कम तीन से चार महीने का लंबा समय लग सकता है।

 

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पीड़िता का दर्द: ‘हादसे के लिए पार्षद और अधिकारी जिम्मेदार, उन पर हो FIR’

शुक्रवार सुबह जब जिनी झाला को अहमदाबाद ले जाने के लिए अस्पताल के आईसीयू (ICU) से बाहर निकाला गया, तो वे दर्द से बुरी तरह कराह रही थीं। उस नाजुक स्थिति में भी उन्होंने प्रशासन और व्यवस्था के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। बातचीत के दौरान जिनी ने कहा कि उनकी इस हालत के लिए स्थानीय पार्षद और लापरवाही बरतने वाले अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मुख्य जिम्मेदारों के खिलाफ अब तक कोई कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई और उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं हुई।

परिजनों के गंभीर आरोप: प्रतिबंध के बावजूद बिना अनुमति हो रहा था बोरिंग

जिनी झाला के माता-पिता (नवल और धर्मेंद्रसिंह झाला) ने भी इस हादसे के दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। वहीं उनके मंगेतर रजत प्रतापसिंह ने इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं:

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  • लापरवाही की हद: रजत के अनुसार, घटना के बाद न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी और न ही कोई जन प्रतिनिधि घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचा।
  • पार्षद पर मुख्य आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी ही उस जगह पर अवैध रूप से बोरिंग करवा रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्षद लोगों से झूठ बोल रहे थे कि वहां वाटर हार्वेस्टिंग का काम चल रहा है।
  • नियमों का उल्लंघन: प्रशासन ने आगामी 30 जुलाई तक शहर में बोरिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर बिना किसी अनुमति के यह काम धड़ल्ले से कराया जा रहा था।
  • खानापूर्ति की कार्रवाई: पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाते हुए बोरिंग गाड़ी को जब्त किया है और उसके ड्राइवर व ठेकेदार पर केस दर्ज किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ताओं को छोड़ दिया गया है।

स्वास्थ्य अपडेट: जिनी की तीन और सर्जरी होना बाकी

इस भीषण हादसे में घायल हुए लोगों की चिकित्सीय स्थिति इस प्रकार है:

  • जिनी झाला: उनके हाथ की त्वचा की दो परतें (Layers) पूरी तरह से जल चुकी हैं, जबकि तीसरी परत भी गंभीर रूप से डैमेज हुई है। उनकी एक सर्जरी की जा चुकी है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार अभी तीन और बड़ी सर्जरी की जानी बाकी हैं।
  • अन्य घायल: हादसे की चपेट में आए दो अन्य नागरिकों—गोपाल मालाकार (10-15 प्रतिशत बर्न) और सुभाष ठाकुर (10-12 प्रतिशत बर्न) की हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित

मामला बढ़ने और हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष कमेटी का गठन किया है। इस जांच दल में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:

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  • आशीष पाठक (अपर आयुक्त)
  • आसित खरे (कार्यपालन यंत्री)
  • पीएस कुशवाह (कार्यपालन यंत्री)

नगर निगम की यह विशेष कमेटी हादसे के ह

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