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मंदिर के पास साधु की रहस्यमयी मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला बड़ा राज

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। मंगलनाथ मंदिर के पास साधु गंगेश्वर गिरी की मौत सीने पर चोट लगने से हुई थी। पीएम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस ने एक किराना व्यापारी को गिरफ्तार किया है। साधु और व्यापारी के बीच शराब पिलाने की बात पर विवाद हुआ था। व्यापारी के इनकार करने पर साधु ने उसे चिमटा मार दिया था। इससे नाराज व्यापारी ने कैंपर (20 लीटर पानी रखने की कैन) साधु के सीने पर मार दिया था। घातक चोट लगने से साधु की मौत हो गई थी।

 

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दरअसल, जावरा के सुनील जोशी ने संन्यास ले रखा था। उनका नाम गंगेश्वरी गीरी था। वह मंगलनाथ मंदिर के पास कुटिया में रहते थे। इसी महीने की 10 जून को उन्होंने अंतिम बार रिश्तेदार पवन शर्मा से बात की थी।

17 जून को जब जावरा में रहने वाले भाई अनिल कुमार जोशी ने उनसे संपर्क किया तो मोबाइल बंद मिला। ऐसे में वह जावरा से उज्जैन पहुंचे तो लोगों से सुनील जोशी उर्फ गंगेश्वरी गिरी की मौत की जानकारी मिली। अंतिम बार बात करने वाले पवन शर्मा ने बताया कि उनसे मोबाइल पर बातचीत के दौरान विवाद जैसी आवाज आ रही थी। ऐसे में भाई को अनहोनी की आशंका हुई।

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112 पर दी थी सूचना

मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने गंगेश्वरी गिरी की कॉल डिटेल निकाली। इसमें यह सामने आया कि 10 जून को गंगेश्वर गीरी ने डायल-112 पर उनके साथ मारपीट होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि शिवांश पैराडाइज में रहने वाले किराना व्यापारी कौशिक पिता शशि भूषण सोनी (24 ) ने उनके सीने पर पानी का कैंपर फेंक कर हमला बोला है। इससे सीने में चोट आई है। पुलिस कर्मियों ने थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी थी। उन्होंने अगले दिन थाने जाने का हवाला दिया था। इस बीच 11 जून को उनकी मौत हो गई।

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कुटिया का सामान बिखरा था

जोशी को गंगेश्वरी गीरी की कुटिया का सामान बिखरा मिला था। उनके शव को कुटिया के पीछे ही समाधि दे दी गई थी। ऐसे में अनिल जोशी ने चिमनगंज पुलिस थाने में संदिग्ध मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने समाधि से शव निकालकर पीएम कराया था। इसकी रिपोर्ट गुरुवार को आई। इसमें सीने पर घातक चोट से मौत होना पाया गया।

कैसे हुआ विवाद:

कौशिक की आगर रोड पर एलांउस सिटी में किराना दुकान है। वह इवेंट का काम भी करता है। इस संबंध में उसका मंगलनाथ मंदिर की तरफ आना-जाना लगा रहता है। इसी कारण से उसका गंगेश्वरी गीरी से परिचय था। टीआई विवेक कनोडिया के मुताबिक घटना वाले दिन १० जून को कौशिक एक इवेंट के आयोजन में घी देने मंगलनाथ क्षेत्र गया था।

इसी दौरान उसे गंगेश्वरी गिरी ने उसके सामने शराब की फरमाइश कर दी। कौशिक ने शराब पिलाने से इनकार किया तो गीरी ने चिमटे से उसकी पिटाई कर दी। इससे गुस्सा होकर कौशिक ने कैंपर गंगेश्वरी के सीने पर दे मारा। पतला-दुबला और नशे का आदी होने से गंगेश्वर गीरी गिर गए। घटना के बाद कौशिक घर चला गया और गीरी भी कुटिया पर लौट आए। जब सीने में ज्यादा दर्द हुआ तो उन्होंने डायल-112 पर सूचना दी। हालांकि वह रिपोर्ट दर्ज कराने थाने नहीं पहुंचे। अगली सुबह वह कुटिया में मृत पाए गए। उनके चेले-चपाटों ने शव को समाधि दे दी और भाग गए।

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