टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, अब हर जीत होगी बेहद जरूरी

महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की शुरुआत किसी सपने जैसी रही थी। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने पहले चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और फिर नीदरलैंड्स को धूल चटाकर सेमीफाइनल की तरफ बेहद मजबूत कदम बढ़ा दिए थे। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली छह विकेट की करारी हार ने पूरे ग्रुप-ए के समीकरण को उलट-पुलट कर दिया है। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि ग्रुप-ए की तीन धुरंधर टीमों—भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में से कोई भी टीम टूर्नामेंट से बाहर हो सकती है।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली यह हार सिर्फ दो अंक गंवाने की कहानी नहीं है, बल्कि इसने टीम इंडिया की राह को बेहद पेचीदा बना दिया है। अब टूर्नामेंट के इस मोड़ पर हर एक रन और हर एक विकेट की कीमत बढ़ गई है, क्योंकि सेमीफाइनल का फैसला अंततः नेट रन रेट (NRR) के गणित पर आकर टिक सकता है।
टीम इंडिया की मौजूदा स्थिति और आगे की राह
भारतीय टीम ने अब तक टूर्नामेंट में तीन मैच खेले हैं, जिनमें से दो में जीत और एक में हार का सामना करना पड़ा है। चार अंकों के साथ भारत का नेट रन रेट फिलहाल +2.511 है, जो काफी मजबूत स्थिति में है। टीम इंडिया को ग्रुप स्टेज में अभी दो और मैच खेलने हैं—पहला बांग्लादेश के खिलाफ और दूसरा डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ।
- बांग्लादेश के खिलाफ मैच: कागज पर भारतीय टीम बांग्लादेश के मुकाबले बेहद मजबूत और फेवरेट मानी जा रही है। इस मैच में जीत दर्ज करते ही भारत के छह अंक हो जाएंगे, लेकिन टीम को यहां केवल जीत नहीं बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करने पर ध्यान देना होगा।
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महामुकाबला: भारत की असली और सबसे बड़ी परीक्षा 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी। अगर भारत इस मैच में कंगारू टीम को हरा देता है, तो उसका सेमीफाइनल का टिकट लगभग पक्का हो जाएगा।
- क्या है हार का खतरा? यदि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से हार जाती है और दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी बचे दोनों मैच जीत लेता है, तो भारत के लिए खतरे की घंटी बज जाएगी। ऐसी स्थिति में भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका तीनों टीमों के आठ-आठ अंक हो सकते हैं और तब जिस टीम का नेट रन रेट सबसे कम होगा, वह बाहर हो जाएगी।
दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को मिली नई जान
लॉरा वोलवार्ट की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम को टूर्नामेंट के पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी, जिससे उनका नेट रन रेट बुरी तरह प्रभावित हुआ था और फिलहाल वह -0.546 पर है। हालांकि, भारत पर मिली शानदार जीत ने अफ्रीकी टीम की उम्मीदों को दोबारा जिंदा कर दिया है।
दक्षिण अफ्रीका के अगले दो मुकाबले नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमों से हैं। यदि अफ्रीका ये दोनों मैच जीत जाता है, तो वह भी आठ अंकों तक पहुंच जाएगा। लेकिन सेमीफाइनल में जाने के लिए उन्हें सिर्फ जीतना नहीं होगा, बल्कि अपने नेट रन रेट को सुधारने के लिए बहुत बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी।
कंगारू टीम सबसे मजबूत स्थिति में
ग्रुप-ए में इस समय सबसे आरामदायक और मजबूत स्थिति में ऑस्ट्रेलियाई टीम है। ऑस्ट्रेलिया ने लगातार तीन मैच जीतकर छह अंक हासिल कर लिए हैं और उनका नेट रन रेट +4.391 के साथ आसमान छू रहा है। यही वजह है कि उन्हें सेमीफाइनल का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है; अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आखिरी दो मैचों में लड़खड़ा जाती है, तो पूरा पासा पलट सकता है। ऐसी स्थिति में 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली भिड़ंत इस ग्रुप का ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ रूप ले लेगी।
लब्बोलुआब: भारतीय टीम की किस्मत अभी भी पूरी तरह से उसके अपने हाथों में है। दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने टीम का सुरक्षा कवच जरूर छीन लिया है, लेकिन यदि हरमनप्रीत एंड कंपनी अगले दोनों मैचों में दमदार प्रदर्शन कर जीत हासिल करती है, तो बिना किसी गुणा-भाग के भारत सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश कर जाएगा।









