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इस पेड़ की छाल से भरेंगे पुराने घाव, फोड़े भी होंगे ठीक

बुजुर्ग हमेशा कहते हैं कि नीम भले ही जुबान के लिए कड़वा हो, लेकिन शरीर के अंदरूनी सिस्टम को बिल्कुल साफ कर देता है। सदियों से भारतीय घरों में नीम की सूखी छाल को त्वचा के गंभीर विकारों, पुराने घावों और फोड़े-फुंसियों को ठीक करने की अचूक दवा माना गया है।

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आयुर्वेद के जाने-माने एक्सपर्ट डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव बताते हैं कि नीम की छाल में कई ऐसी जादुई औषधीय खूबियां छिपी होती हैं, जो आधुनिक अंग्रेजी दवाओं से भी न ठीक होने वाले बेहद पुराने और जिद्दी जख्मों को बहुत ही कम समय में पूरी तरह सुखाकर ठीक कर देती हैं।

जानिए लेप बनाने और इस्तेमाल करने का सही पारंपरिक तरीका

इस कुदरती नुस्खे को तैयार करने की विधि बेहद आसान और असरदार है। इसके लिए नीम की सूखी छाल का एक टुकड़ा लें। इसे किसी साफ सिलबट्टे या पत्थर पर मात्र 5-6 बूंद पानी डालकर अच्छी तरह रगड़ें। रगड़ने से एक गाढ़ा और चिकना पेस्ट तैयार हो जाएगा।

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इस तैयार पेस्ट को बिना किसी मिलावट के सीधे अपने जख्म, फुंसी या इंफेक्शन वाली जगह पर लगा लें। यह लेप त्वचा पर बैठते ही हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस को खत्म करना शुरू कर देता है, जिससे संक्रमण रुक जाता है और नई त्वचा तेजी से आने लगती है।

घर बैठे पाएं त्वचा के विकारों से हमेशा के लिए मुक्ति

डॉ. श्रीवास्तव आगे जोड़ते हैं कि नीम की छाल में मौजूद पावरफुल एंटी-सेप्टिक तत्व त्वचा को अंदरूनी रूप से हील (रिकवर) करते हैं। यह छाल बिना किसी साइड इफेक्ट के त्वचा की कोशिकाओं को दोबारा जीवित करने की ताकत रखती है, जिससे दाग भी हल्के हो जाते हैं।

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आज की हमारी इस खास वीडियो स्टोरी के जरिए आप विस्तार से समझ सकते हैं कि कैसे इस बेहद सस्ते और सुलभ घरेलू नुस्खे को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप सालों पुरानी चर्म जनित समस्याओं से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।

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