सिंहस्थ से पहले शहर में लगाए जाएंगे 10 लाख से अधिक पौधे

नगर निगम हर पौधे की करेगी जियो-टैगिंग, तैयारियों के लिए अपर आयुक्त ने ली बैठक

अमृत हरित महाअभियान : संपूर्ण सिंहस्थ क्षेत्र को बनाया जाएगा ग्रीन ज़ोन, 3 लाख गड्ढों की खुदाई पूरी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर को पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल और हरा-भरा बनाने के लिए नगर निगम ने अमृत हरित महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य तय किया है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए इस बार पूरे सिंहस्थ मेला क्षेत्र को विशेष रूप से हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर बड़े पैमाने पर शुरू हुई तैयारियों के तहत अब तक शहर के विभिन्न हिस्सों में 3 लाख से अधिक गड्ढों की खुदाई का काम पूरा किया जा चुका है।
रविवार को निगम के अपर आयुक्त योगेंद्र सिंह पटेल ने उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक लेकर पौधारोपण की कार्ययोजना और चयनित स्थलों का जायजा लिया। बैठक में बताया गया कि इस महाअभियान के तहत विक्रम विश्वविद्यालय परिसर, एमआर-5 ट्रांसफर स्टेशन, मेघदूत पार्किंग के पीछे का क्षेत्र, चकोर पार्क, शक्तिपथ रोड, शहर के 400 से अधिक उद्यान, कपिला गौशाला, काल भैरव मंदिर, गोंदिया ट्रेनिंग ग्राउंड, पॉलिटेक्निक कॉलेज, जलाशयों के किनारे और शासकीय परिसरों सहित सभी जोनों के प्रमुख स्थानों को पौधारोपण के लिए चुना गया है।
सड़कों और घाटों पर लगेंगे 8 से 10 फीट ऊंचे पौधे
मार्ग चौड़ीकरण वाले क्षेत्रों और निर्माणाधीन 29 किलोमीटर लंबे घाटों पर विशेष रूप से सघन पौधारोपण किया जाएगा। सिंहस्थ क्षेत्र की लगभग 114 किलोमीटर लंबी सड़कों के दोनों ओर 84 हजार से अधिक छायादार पौधे रोपे जाएंगे। नगर निगम का प्रयास है कि ये पौधे 8 से 10 फीट की ऊंचाई वाले हों, ताकि सिंहस्थ-2028 की शुरुआत तक ये पूरी तरह से बड़े और छायादार वृक्ष का रूप ले सकें और आने वाले श्रद्धालुओं को राहत दे सकें।
पौधों की सुरक्षा के लिए होगी जियो-टैगिंग
समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त पटेल ने निर्देश दिए कि इस अभियान के तहत रोपे जाने वाले प्रत्येक पौधे की जियो-टैगिंग की जाए, ताकि उनकी प्रगति और सुरक्षा पर नजर रखी जा सके। उन्होंने इस महाअभियान को जनभागीदारी से जोडऩे पर जोर देते हुए सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण प्रेमियों, वृक्ष मित्रों और आम नागरिकों से आगे आने की अपील की। बैठक में सहायक आयुक्त पवन कुमार फुलफकीर, कार्यपालन यंत्री दीपक शर्मा सहित सभी जोनल अधिकारी मौजूद थे।









