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मेंटेनेंस के लिए गया रैक वापस नहीं आया हेरिटेज ट्रेन कब शुरू होगी पता नहीं

अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू हो जाती है पातालपानी कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन

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रेलवे अधिकारियों ने बताया इसी माह शुरू हो जाएगी हेरिटेज ट्रेन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू होने वाली पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन इस साल कब से शुरू होगी रेल प्रशासन स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। कारण है कि मेंटेनेंस के लिए हेरिटेज ट्रेन का रैक बीकानेर गया है। जुलाई के अंतिम सप्ताह तक रैक वापस आने की उम्मीद थी परंतु देरी होने के कारण यह ट्रेन शुरू नहीं हो पाई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रैक आते ही औपरचारिकता पूर्ण करने के बाद हेरिटेज ट्रेन शुरू हो जाएगी। पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेक प्रदेश का एकमात्र ऐसा रेलमार्ग है जो मानसून के दौरान पर्यटकों को आकर्षित करता है।

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क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई है और चारों ओर हरियाली है। हर साल बारिश के मौसम में प्राकृतिक दश्य का आनंद लेने बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और महू से चलने वाली इस हेरिटेज ट्रेन से यात्रा करते हैं। हेरिटेज ट्रेन के लिए वेस्टर्न रेलवे जीएम रामाश्रय मिश्रा ने जुलाई के पहले सप्ताह ट्रेक, हेरिटेज भवन, यात्री प्रतीक्षालय और प्लेटफॉर्म का निरीक्षण भी कर लिया है।

निरीक्षण के दौरान डीआरएम अश्विनीकुमार भी साथ थे। वेस्टर्न रेलवे जीएम ने अगस्त की शुरुआत से ही ट्रेन प्रारंभ होने की घोषणा की थी। परंतु रैक उपलब्ध नहीं होने के कारण ट्रेन अब तक शुरू नहीं हो पाई है। न ही ट्रेन शुरू होने की नई तारीख घोषित की गई है। ट्रेन शुरू नहीं होने के कारण पर्यटक हरे-भरे जंगलों, झरनों और खूबसूरत वादियों के बीच सफर का आनंद लेने से दूर हैं। इस संबंध में पूछने पर जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया ट्रेन का रैक मेंटेनेंस के लिए बिकानेर गया है। रैक आते ही इसी महीने सुविधा शुरू हो जाएगी।

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ये है हेरिटेज ट्रेन का इतिहास
पातालपानी से कालाकुंड तक की दूरी 9.5 किलोमीटर है। 19वीं सदी में होलकर स्टेट के समय करीब सन 1878 में यर ट्रेक बनाया गया था। महू की प्रसिद्ध पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन पहली बार सन 2018 में 25 दिसंबर से शुरू की गई थी। मानसून और छुट्टियों के समय इस ट्रेन को विशेष तौर पर चलाया जाता है। पश्चिम रेलवे द्वारा संचालित ट्रेन पातालपानी कालाकुंड के बीच वादियों झरनों और सुरंगों से होकर गुजरती है।

एक बार बंद हुई थी ट्रेन
कोरोना संक्रमण काल में मार्च-2020 से यह ट्रेन बंद की गई थी। करीब 17 महीने यह ट्रेन बंद रही थी। इस बार मेंटेनेंस नहीं होने के कारण ट्रेन संचालन में देरी हो रही है।

शनिवार और रविवार को चलती है ट्रेन, साधारण कोच का किराया 20 रुपए

रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेन का नंबर 52966 है तथा ट्रेन सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को चलेगी। महू (डॉ. आंबेडकर नगर) से कालाकुंड व्हाया पातालपानी चलने वाली ट्रेन सुबह 11:05 बजे महू से चलती है तथा पातालपानी होते हुए दोपहर 1:05 बजे कालाकुंड पहुंचती है। बीच में टांट्या भील स्टेशन पर हेरिटेज ट्रेन 1 घंटा रुकती है। वापसी में शाम को 3:35 बजे कालाकुंड से चलकर ट्रेन 4:30 बजे पाताल पानी पहुंचती है। साधारण कोच का एक तरफ का किराया 20 रुपए तथा एसी चेयरकार का किराया 265 रुपए प्रति व्यक्ति है। ट्रेन में नॉन एसी चेयरकार के तीन कोच और एसी चेयरकार के दो कोच लगते हैं। यात्री को दोनों तरफ का टिकट अलग से बुक करवाना होता है।

बदहाल है कालाकुंड रेलवे स्टेशन

प्रदेश के इकलौते हेरिटेज रेल रूट का कालाकुंड रेलवे स्टेशन 148 साल पुराना है। रेलवे स्टेशन पर रात को न रोशनी की व्यवस्था है न कोई कर्मचारी रहता है। स्टेशन परिसर में भारतीय रेल का म्यूजियम भी रखरखाव के अभाव में बदहाल है। इस म्यूजियम में पुराने मीटरगेज रेल से जुड़े उपकरण, पुराने सिग्नल, एतिहासिक तस्वीरें और अन्य सामग्री रखी है परंतु म्यूजियम का प्रवेश द्वार टूटा हुआ है। स्टेशन पर रखी बैंच, रेलवे का नाश्ता काउंटर, अलमारियां और अन्य सामान भी खुले में धूल खा रहा है। स्टेशन और हेरिटेज रूट के इतिहास की जानकारी देने वाली पट्टिकाएं फट गई हैं। इस कारण पर्यटको को जानकारी नहीं मिल पाती है। स्टेशन परिसर में रेलवे के मकान भी खंडहर होते जा रहे हैं।

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