मौसम में आया बदलाव, सर्दी-गर्मी से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ी

मरीजों में बच्चें और बुजुर्गों की संख्या अधिक
उज्जैन। मौसमी बदलाव और उमस के कारण जिला अस्पताल, चरक और माधवनगर अस्पताल में अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रभावितों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। सर्दी, खांसी, बुखार, पेट दर्द और डायरिया के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। मौसम के इस बदलाव के कारण गर्भवती महिलाओं को भी देखभाल की विशेष जरूरत पड़ रही है।
चरक भवन में सामान्य दिनों में ओपीडी के मरीजों की संख्या 1200 के करीब रहती है। मौसमी बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में 200 से 250 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भीड़ और वायरल बीमारियों के चलते स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के कारण बाहर से आए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी थी। इस कारण अस्पताल में भी मरीजों की संख्या बढ़ी और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अचानक अतिरिक्त दबाव पड़ा।
तहसील और आसपास गावों से भी आ रहे हैं मरीज
बारिश के इस मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार और पेट से जुड़ी समस्याओं के मरीज तेजी से बढ़े हैं। आसपास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल व्यवस्था के चलते भी गांवों के मरीज सीधे जिला और सिविल अस्पताल का रुख कर रहे हैं। इस कारण भी अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में बेड क्षमता बढ़ाने और चिकित्सा अमले को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दोपहर 2 बजे तक चलती है ओपीडी
अस्पताल में मरीजों के लिए ओपीडी का समय सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक और शाम को 5 से 6 बजे तक निर्धारित किया है। मरीजों के रजिस्ट्रेशन दोपहर 1:45 बजे तक हो रहे हैं। अवकाश के दिनों में भी सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी चलती है। आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलीकर ने बताया रविवार या शासकीय अवकाश के अगले दिन ओपीडी बढ़ी हुई रहती है। मौसम के बदलाव के कारण ओपीडी बढ़ जाती है। बढ़ी संख्या 200-250 से ज्यादा नहीं होती। यह संख्या इतनी ज्यादा नहीं है कि विशेष इंतजाम करना पड़े।









