मंगलनाथ मंदिर कल 7 घंटे बंद रहेगा
चांदी की नई जलाधारी स्थापित होगी, सुबह 10 बजे तक ही होगा भात पूजन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मंगल पूजन के लिए ख्यात अंकपात मार्ग स्थित मंगलनाथ मंदिर गुरुवार को 7 घंटे (सुबह 11 से शाम 6 ) तक बंद रहेगा। इस दौरान गर्भगृह में चांदी की नई जलाधारी स्थापित की जाएगी। हैदराबाद के एक भक्त ने 20 किलो चांदी दान की है। हालांकि मंदिर में सुबह 10 बजे तक भात सहित दीगर पूजा होगी। अगर आप भात पूजा करना चाहते हैं तो इस समय तक कर लें। इसके बाद भातपूजन के लिए अंगारेश्वर जाया जा सकता है। यहां शाम 5 बजे तक भातपूजन होगा।
दरअसल, अंकपात मार्ग स्थित मंगलनाथ मंदिर में भातपूजन का खास महत्व है। मंगल दोष के निवारण के लिए यह बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर परिसर को सिंहस्थ के लिए तैयार किया जा रहा है। यूडीए के माध्यम से यह काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में मौजूदा जलाधारी को हटाकर नई जलाधारी लगाई जा रही है। इसके चलते गुरुवार सुबह 11 से शाम 6 बजे तक मंदिर में प्रवेश बंद रहेगा।
हैदराबाद के भक्त ने दी है चांदी
जलाधारी के लिए हैदराबाद के यजमान अमन ओहरी और सोनल ओहरी ने 20 किलो चांदी दी है। मौजूदा जलाधारी जीर्ण-शीर्ण हो गई है। ऐसे में महंत राजेंद्र भारती और अजय भारती ने जलाधारी बदलने के लिए यजमान से चांदी दान करने का निवेदन किया था। उनके प्रयास से चांदी मिल गई है। पुरानी जलाधारी को गलाकर उससे चांदी का नाग बनाया जाएगा।
दोनों गेट किए जाएंगे बंद
मंगलनाथ मंदिर में भातपूजन का महत्व है। यह रोजाना पांच सौ से ज्यादा लोग भातपूजन के लिए आते हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन ने सुबह 10 बजे तक भातपूजन कराना तय किया है। मंदिर प्रशासक केके पाठक के मुताबिक सुबह 10 बजे तक भात और अन्य पूजन होंगे। इसके बाद मंदिर के दोनों द्वार (प्रवेश और निर्गम) बंद कर दिए जाएंगे।
मंगलवार को हुई 1850 भात पूजन
मंगलवार (18 अगस्त) को मंगलनाथ मंदिर में 1850 लोगों ने भातपूजा की। इस पूजन से मंदिर समिति को 3.85 लाख रुपए की आय हुई।
सावन में बिका साढ़े 7 करोड़ रुपए का लड्डू प्रसाद
19 दिनों में 77.51 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, नागपंचमी पर 4 लाख अधिक आए
उज्जैन। सावन के 20 दिनों में दूर-दूर से आए दर्शनार्थियों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर से 7 करोड़ रुपए से अधिक का लड्डू प्रसाद खरीदा है। सावन के इन 20 दिनों साढ़े 77 लाख दर्शनार्थियों ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए।मंदिर सूत्रों के मुताबिक सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हुई थी। 18 अगस्त तक 20 दिन में दर्शनार्थी मंदिर से 1553 क्विंटल लड्डू प्रसाद ले गए हैं। जिससे मंदिर समिति के खाते में 7 करोड़ 45 लाख रुपए आए हैं। मंदिर सूत्रों के मुताबिक यह एक रिकार्ड है।
नागपंचमी पर भी इस बार पिछले साल के मुकाबले 4 लाख अधिक दर्शनार्थी पहुंचे हैं। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा हेड काउंटिंग मशीन से की गई गिनती के आंकड़े जारी किए गए हैं। जिसके मुताबिक साल 2025 में 24 घंटे में 8 लाख श्रद्धालुओं ने नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन किए थे। वहीं, इस साल यह आंकड़ा 4 लाख बढक़र सीधे 12 लाख तक पहुंच गया।
सावन में आए 77.51 लाख दर्शनार्थी
मंदिर समिति के मुताबिक 30 जुलाई से 17 अगस्त तक श्री महाकालेश्वर मंदिर में 77 लाख 51 हजार 231 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
श्रावण कला महोत्सव के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का नाम शिवत्व दिया गया है। इसी के तहत मंदिर समिति इसके पहले बी प्रॉक की भजन संध्या भी आयोजित कर चुकी है।
23 को हंसराज रघुवंशी व किशन भगत जमाएंगे शिवत्व का रंग
उज्जैन। श्रावण कला महोत्सव के तहत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति इस सोमवार 23 अगस्त को प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी और किशन भगत की भजन संध्या कराएगी। शक्ति पथ पर शाम 7 बजे से यह कार्यक्रम होगा।









