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मुरैना के बदमाशों ने बनाया उन्हेल को ठिकाना

ग्रामीण क्षेत्र में कर रहे थे चोरी की वारदात , 5 आरोपी गिरफ्तार

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मुरैना के बदमाशों ने चोर गिरोह बना लिया। इन्होंने उन्हेल का अपना ठिकाना बनाया और दिन में ग्रामीण क्षेत्र में सूने मकानों की टोह लेने लगे। यह रात में वारदात को अंजाम दे रहे थे। पकड़े गए पांच आरोपियों में से चार आदतन हैं और इन पर कई प्रकरण दर्ज हैं। इनसे 11.27 लाख रुपए कीमत का चोरी का माल जब्त किया है। इसमें चांदी के आभूषण, सिक्के और मूर्तियां शामिल हैं। आरोपियों से दो बगैर नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। इन पर सवार होकर ही यह वारदात को अंजाम देने जाते थे। नंबर नहीं होने से यह पकड़ में नहीं आते थे। आरोपी वारदात के लिए अलग-अलग रास्तों का उपयोग करते थे।

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दरअसल, आरोपियों ने ग्रामीण क्षेत्र के उन्हेल, मकड़ावन में एक के बाद एक कई वारदातों को अंजाम दिया था। ग्रामीण क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी को लेकर भाटपचलाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जब पुलिस ने निकाले तो पता चला कि इन वारदातों को एक गिरोह अंजाम दे रहा था। हुलिये के आधार पर जब इन्हें धरा तो इन्होंने वारदात कबूल ली।

यह आरोपी पकड़े गए

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राहुल उर्फ बल्ली पिता सूरतराम (32) निवासी माता बसैया मुरैना

अंकित पिता जीवाराम (26) निवासी डुंगरपुर नरायदापुरा मुरैना

विजय पिता भगवानसिंह कुशवाह (30) निवासी तिवारीका पुरा मुरैना

पन्नालाल पिता रामदास जाटव (36) निवासी नरयायिकापुरा मुरैना

एंदलसिंह पिता मुंशी सिंह गुर्जर (44) नाका माता बसैया मुरैना

क्या मिला आरोपियों से

  •  3.5 किलोग्राम चांदी की कड़े- कड़ी, पायल, कंदौरा, बिछिया, आकडिय़ा, अंगूठी, चांदी के सिक्के, नारियल, मूर्तियां ।
  •  1.52 लाख रुपए नगद
  •  बगैर नंबर की 2 मोटरसाइकिल
  • ताला काटने वाला कटर
  • टामी, सब्बल एवं पेचकस

कैसे करते थे चोरी

  • आरोपी दिन के समय मोहल्ले या गांव में फेरी लगाने के बहाने प्रवेश करते थे। इस तरह यह सूने मकानों की रेकी करते थे।
  • रात के समय यह साथियों के साथ ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश करते थे। कटर और अन्य औजारों की मदद से ताला काट या तोडक़र घर में प्रवेश करते थे।
  • इनकी नजर कैश और आभूषणों पर होती थी।

इस तरह बच निकलते थे

  • आरोपी घटनास्थल तक आने- जाने के लिए अलग-अलग रास्तों का उपयोग करते थे।
  •  यह कभी भी मुख्य मार्ग का उपयोग नहीं करते थे, आउटर क्षेत्र की गलियों एवं वैकल्पिक रास्तों से आते-जाते थे।
  •  एक वारदात को अंजाम देने के बाद यह दूसरे जिले में चले जाते थे। ऐसे में इनका पता आसानी से नहीं मिलता था।
  • आरोपियों ने उन्हेल मे अपना ठिकाना बना रखा था। यहां उन्होंने कमरा किराये पर ले रखा था। यहीं से वह वारदातों को अंजाम देते थे।

एक को छोड़ बाकी आदतन चोर , इन पर दर्ज हैं अपराध
चार आरोपी आदतन हैं। इन पर प्रकरण दर्ज हैं। राहुल उर्फ बल्ली पर चोरी, नकबजनी के 15, अंकित पर 7, विजय पर 8 और पन्नालाल पर 8 मुकदमे दर्ज है। एकमात्र एदलसिंह गुर्जर पर एक भी मामला दर्ज नहीं है।

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