कोर्ट से मुकदमा खारिज, रात में ढहाया परचुरे भवन

स्मार्ट सिटी प्रशासन बनाएगा माधव सेवा न्यास पार्किंग से चौबीस खंभा मार्ग तक 24 मीटर चौड़ी रोड
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के सामने स्मार्ट सिटी के रोड निर्माण के दायरे में आ रहे परचुरे भवन का मुकदमा कोर्ट से खारिज हुआ और बुधवार रात ११ बजे जेसीबी लगाकर नगर निगम ने यह भवन तोड़ दिया।
दरअसल, स्मार्टसिटी प्रशासन माधव सेवा न्यास पार्किंग से 24 खंबा मार्ग तक 24 मीटर चौड़ा रोड बना रहा है। इसके दायरे में 10 भवन आ रहे हैं। इनमें परचुरे भवन भी था। 10 में से 4 ने तो मुआवजा स्वीकार कर लिया था लेकिन छह भू-अर्जन प्रक्रिया में हैं। 22 करोड़ की राशि से 360 मीटर तक बनने वाली इस सड़क के चार भवन अब तक हटाए जा चुके हैं। छह और बाकी हैं। स्मार्टसिटी के सीईओ संदीप शिवा के मुताबिक परचुरे भवन का मसला भी इनमें से एक था। यह कोर्ट में था।
मैनिट की टीम ने भवन की जांच की थी
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल की टीम ने चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे मकानों की जांच की थी। इसमें परचुरे भवन भी शामिल था। करीब 70 साल पुराने भवन को मैनिट के सिविल डिपार्टमेंट ने जर्जर बताया था। इसके कभी भी गिरने की आशंका जताई थी। चूंकि यह इलाका भारी भीड़ वाला है, ऐसे में नगर निगम प्रशासन ने अपनी रिपेार्ट कोर्ट में पेश की थी। कोर्ट ने रिपोर्ट को ठीक मानते हुए केस खारिज कर दिया।
बुधवार रात ही निगम अमला मौके पर पहुंचा और मकान ढहा दिया। निगम के अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय ने बताया कि कोर्ट ने मुकदमा खारिज कर दिया है। मैनिट की रिपोर्ट में भवन को जर्जर बताया गया है। भीड़ वाले इलाके में हादसे का डर है। इसलिए भवन हटा दिया गया है। यहां स्मार्टसिटी की रोड बनेगी। नगर निगम के अपर आयुक्त (सिंहस्थ) संतोष टैगोर ने बताया कि भवन जर्जर था। मैनिट की रिपोर्ट के आधार पर भवन हटाने की कार्रवाई की
गई है।









