छात्र राजनीति : विवि के माधव भवन में एबीवीपी ने किया जोरदार प्रदर्शन

आक्रोश : परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर यूनिवर्सिटी का किया घेराव
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। माधव साइंस कॉलेज के बीएससी फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम में कथित गड़बडिय़ों को लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक माधव भवन पर प्रदर्शन किया। एबीवीपी के नेतृत्व में पहुंचे विद्यार्थियों ने कई विषयों में एटीकेटी आने, परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाए जाने और प्रैक्टिकल के अंक दर्ज नहीं होने जैसी समस्याएं सामने रखीं। इनका कहना था कि कुछ विषयों में एक ही कक्षा के कई विद्यार्थियों को एटीकेटी दी गई। उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, प्लांट पैथोलॉजी जैसे विषयों के रिजल्ट पर नाराजगी जताई।

विवि प्रशासन के अफसर विद्यार्थियों से मिले और उन्हें संबंधित विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के रिव्यू का आश्वासन दिया। विद्यार्थियों को अलग-अलग आवेदन लेकर विश्वविद्यालय आने के बजाय संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य से आवेदन एकत्रित कराकर प्राध्यापकों के साथ विश्वविद्यालय भेजने की व्यवस्था करने का भरोसा दिया गया। संबंधित विषय के प्राध्यापक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर यह बताएंगे कि मूल्यांकन में कोई त्रुटि हुई है या नहीं। आवश्यकता होने पर उत्तर पुस्तिकाओं का री-वैल्युएशन किया जाएगा।
कोई शुल्क नहीं लगेगा
केस 1- एटीकेटी वाले विद्यार्थियों की कॉपी फिर से चैक की जाएगी। विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि इस प्रक्रिया के लिए विद्यार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था केवल माधव साइंस कॉलेज तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि जिस भी कॉलेज से इस प्रकार की समस्या सामने आएगी, वहां भी रिव्यू की व्यवस्था की जाएगी।
केस 2- परीक्षा संबंधी दिक्कतों के कारण अब विद्यार्थियों को चक्कर नहीं लगाने होंगे। भविष्य में परिणाम संबंधी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि हर बार परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाए गए विद्यार्थियों के मामलों की जांच की मांग की। अफसरों ने कहा कि अनुपस्थिति संबंधी मामलों को भी जांच में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इसमें तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी त्रुटि होने की स्थिति में उसे सुधारा जाएगा। प्रैक्टिकल के अंक दर्ज नहीं होने की शिकायतों की जांच की जाएगी।
ग्रेड पॉइंट शून्य होने पर साफ की जाएगी स्थिति
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने अंकसूची में शून्य दर्शाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंकसूची में दर्शाया गया 0 हमेशा शून्य अंक नहीं है। ग्रेड पाइंट प्रणाली के तहत 0 ग्रेड पाइंट 0 से 34.99 तक प्राप्त अंकों के लिए हो सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को इसे सीधे शून्य अंक नहीं मानना चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि अंकसूची में इस संबंध में स्पष्टीकरण भी दिया गया है, ताकि विद्यार्थियों को भ्रम न हो। साथ ही जिन विद्यार्थियों को परिणाम में शून्य ग्रेड पाइंट, एटीकेटी, अनुपस्थिति या अन्य विसंगति को लेकर आपत्ति है, उनकी शिकायतों को रिव्यू प्रक्रिया में देखा जाएगा।
उत्तरपुस्तिकाओं का रिव्यू करा रहे हैं
माधव साइंस कॉलेज के विद्यार्थियों की रिजल्ट संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। इनकी कॉपी का रिव्यू कराया जाएगा। विद्यार्थियों को इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। कॉलेज प्राचार्य संबंधित प्राध्यापकों के साथ विद्यार्थियोंके आवेदन विश्वविद्यालय लाएंगे और संबंधित सब्जेक्ट की कॉपियां फिर से देखी जाएंगी। वैल्युएशन में त्रुटि मिलने पर नियमानुसार पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा। अनुपस्थिति, प्रैक्टिकल के अंक दर्ज नहीं होने तकनीकी समस्या की भी जांच की जाएगी।
डॉ. अपर्ण भारद्वाज, कुलगुरु
सम्राट विक्रमादित्य विवि
आखिर क्यों बनी ऐसी स्थिति
मार्कशीट में कम अंक आने या फेल होने का कारण मूल्यांकन व्यवस्था में हुआ बदलाव है। पहले थ्योरी और प्रैक्टिकल के अंकों को मिलाकर प्राप्तांक देखा जाता था। इस आधार पर विद्यार्थी को उत्तीर्ण माना जाता था। अब नई व्यवस्था में थ्योरी और प्रैक्टिकल, दोनों में निर्धारित अंक लाना जरूरी कर दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों द्वारा नियमित क्लास अटेंड नहीं करने और अध्ययन पर ध्यान नहीं देने का असर भी उनके परिणाम पर पड़ा है। इसी वजह से कई विद्यार्थियों को एक या एक से अधिक विषयों में एटीकेटी मिली है।
बीएससी फर्स्ट ईयर की उत्तर पुस्तिकाओं का होगा रिव्यू
उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी की बीएससी फर्स्ट ईयर की उत्तर पुस्तिकाओं का रिव्यू किया जाएगा। यह फैसला यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विद्यार्थी संगठनों की आपत्ति पर लिया है। कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज की अध्यक्षता में शासकीय कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक हुई। कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि पारदर्शी मूल्यांकन का फैसला विद्यार्थियों के व्यापक हित में लिया गया है।
यूं होगा रिव्यू- कॉलेज के विषय-विशेषज्ञ प्राध्यापक स्वयं विश्वविद्यालय में आकर उत्तरपुस्तिकाओं की समीक्षा (रिव्यू) करेंगे।









